विजय दशमी पर्व विशेष : अचानक बारिश में भींगा रावण, शक्ति बाण चलाकर किया पुतला दहन
जुन्नारदेव, (दुर्गेश डेहरिया)। विजयदशमी पर्व आज बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। लंका पर चढ़ाई करके बुराई पर अच्छाई की विजय भगवान श्री राम ने रावण का वध करके पाई थी। नवरात्रि में माता रानी की सेवा कर आज विजयदशमी के अवसर पर रावण दहन समिति द्वारा प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी रावण दहन की तैयारियां पूरी की रंग बिरंगी रोशनी के साथ आतिशबाजी कर लंकापति दहन स्थानीय नेहरू स्टेडियम में किया जा रहा है।
जहां विशालकाय रावण बनाकर अब से कुछ देर बाद धू धू करके जलने को तैयार था लेकिन इसी बीच मौसम अचानक खराब होने के कारण तेज वर्षा में रावण गीला हो गया। रावण निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों ने दशानन के सिर पर पन्नी लपेटकर रखा गया ताकि सिर गीला होने से बचाया जा सके।
रात में किया गया रावण दहन
शहर के मुख्य मैदान में एक विशाल रावण पुतले को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे दस दिवसीय उत्सव का प्रतीकात्मक रूप से समापन हुआ। इस भव्य दृश्य को देखने के लिए हजारों लोग शहर के मुख्य मैदान में जुटे थे। पुतले को आग लगाने के साथ ही जोरदार आतिशबाजी और उत्साह के नारे से वातावरण गुलजार हो गया।
रामलीला में पात्र कलाकार करते हैं अभिनय
वर्षों पुरानी रामलीला का मंचन का आयोजन निर्वाण रूप से विगत 97 सालों से होता आ रहा है। यहां पात्र कलाकार अभिनय करने के लिए सारे कामों को छोड़कर इस रामलीला में मंचन करने पहुंचते हैं दूर दराज के क्षेत्र से दशहरा पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण यहां आते हैं।

दशहरे का महत्व
विजय दशमी के अवसर पर शास्त्र पूजन किया जाता है मिली जानकारी के अनुसार पुलिस थाने में शास्त्रों का विधि-विधान से पूजन अर्चन कर प्रसाद वितरित किया। हिन्दू धर्म में इस त्यौहार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इस दिन लोग नया वाहन खरीदते ओर कारखाने मशीनरी की पूजा पाठ कर मां जगदम्बा का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
