20 साल पहले लापता हुई महिला को गुजरात से लाया गया
एनजीओ की शरण में जुन्नारदेव की दो महिलाएं
पुलिस से मिले आदर सत्कार से महिलाओं छलकीं आंखें
जुन्नारदेव, (दुर्गेश डेहरिया)। वर्षों बाद अपनों से मिले बिछड़े तो आंखों से निकली खुशियों के आंशू पुलिस की सराहनीय पहल की बदौलत दो परिवारों में हर्ष की लहर दौड़ गई।
बाजार से एक महिला परिजनों से बिछड़ गई और जब घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने खूब तलाश किया लेकिन थक हार कर जब कोई सफलता हाथ नहीं लगी तो पुलिस में गुमशुदगी की रपट दर्ज कराई समय बिता गया लेकिन गुम इंसान क्रमांक 24/2003,मीना उर्फ क्रिस्टीना मसीह (39) का कोई ठोर ठिकाना नहीं मिला। वही मेनू सिरसाम (65) महिला कोरोना महामारी में घर से निकली लेकिन परिवार के जिम्मेदारो ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई जिसके चलते भटकते हुए महिला लगभग 1 हजार कि,मी दूर जा पहुंची।
गुजरात राज्य जिला कच्छ के मानव ज्योति संस्था (आश्रम) भुज एनजीओ में जुन्नारदेव की दो महिलाएं कई वर्षों से रह रही थी। एनजीओ के संचालन कर्ता ने महिलाओं से वार्तालाप करके परिवार का पता पूछा जिसपर जुन्नारदेव जिला छिंदवाड़ा पुलिस को दूरभाष पर चर्चा कर लापता का हुलिया पहचान कर क्षेत्र के दातलावादी ओर डुंगरिया कोल्हिया में रहने वाले परिवारों से संपर्क किया।

इस संबंध में एसपी विनायक वर्मा एएसपी अवधेश प्रताप सिंह के निर्देश पर एसडीओपी केके अवस्थी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आरपी कवरेती ने एक टीम गुजरात रवाना की जो उक्त गुमशुदा महिलाओं को लाया गया ओर थाने में फूल माला पहनाकर स्वागत सत्कार कर मुंह मीठा कराया भावुक क्षण में परिवार के बीच अपनों की झलक पाने से खुशी छा गई। इस सराहनीय कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले चौकी प्रभारी संजय सोनवानी डुंगरिया आरक्षक कमलेश धुर्वे शामिल रहे।
