आप फ्लाइट टिकट बुक करते समय एकमुश्त अमाउंट का पेमेंट करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि फ्लाइट की सीट के लिए जो आपने किराया चुकाया है, उनमें क्या-क्या शामिल हैं. दरअसल, फ्लाइट टिकट में कई तरह के चार्ज (components of flight ticket fare) जुड़े होते हैं, जिन्हें एक तय रकम पैसैंजर्स को चुकाना होता है. एविशशन रेगुलेटर डीजीसीए ने फ्लाइट टिकट में शामिल चार्ज या शुल्क के बारे में जानकारी दी है.
जो चार्ज एयरलाइन वसूलती हैं
डीजीसीए की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, कोई भी एयरलाइन बेस फेयर, एयरलाइन फ्यूल चार्ज (Airline fuel charge), कॉमन यूजर टर्मिनल इक्विमेंट फीस (अगर एप्लीकेबल हो), कन्वेनिएंस फीस (अगर पैसेंजर ने इंटरनेट का यूज करते हुए क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से पेमेंट किया है) वसूलती हैं.
जो चार्ज AAI वसूलता है
आपकी फ्लाइट टिकट के किराए (components of flight ticket fare) में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की भी हिस्सेदारी होती है. वह आपसे पैसेंजर्स सर्विसेस फीस वसूलता है. यानी फ्लाइट टिकट में AAI की भी कमाई होती है.
एयरपोर्ट ऑपरेटर के चार्ज
फ्लाइट टिकट (Flight ticket) में एयरलाइन और एएआई के अलावा एयरपोर्ट ऑपरेटर भी चार्ज (components of flight ticket fare) लेते हैं. इन चार्जेज में एयरपोर्ट डेवलपमेंट फीस और यूजर डेवलपमेंट फीस शामिल होते हैं.
सरकार लेती है सर्विस टैक्स
आप जो फ्लाइट टिकट (Flight ticket) की बुकिंग करते हैं, उसमें सरकार की भी हिस्सेदारी होती है. सरकार आपके टिकट में सर्विस टैक्स लेती है. उपर्युक्त सभी फैक्टर मिलकर एक फाइनल किराया तय होता है.

सरकार लेती है सर्विस टैक्स
आप जो फ्लाइट टिकट (Flight ticket) की बुकिंग करते हैं, उसमें सरकार की भी हिस्सेदारी होती है. सरकार आपके टिकट में सर्विस टैक्स लेती है. उपर्युक्त सभी फैक्टर मिलकर एक फाइनल किराया तय होता है.
