अग्नि कांड में खत्म हुई व्यापारियों की रोजी-रोटी
पीड़ितों ने तत्काल उचित सहायता देने की उठाई मांग
जुन्नारदेव, (दुर्गेश डेहरिया)। शुक्रवार की सुबह 07 बजे के आसपास विधुत लाइन की चिंगारी से विजय स्तंभ के सामने टीन शेड की रेडिमेड कपडे किराना मनिहारी की दुकानों में भीषण आग से 20 दुकानें जली। इस हादसे में फुटकर विक्रेताओं के दुकान का सार सामान आग से जलकर राख हो गया। इस घटना की सूचना मिलने पर निरीक्षण करने प्रशासन पहुंचा ओर 7 पटवारियों का दल गठित कर घटना स्थल पर व्यापारियों का नुक़सान पर मूल्यांकन कर सूची बनाई है जिसमें है।
- अनवर पिता मुल्लू शाह.
- सिराज शहबाज खान.
- कैलाश पिता रामनारायण.
- रसीद पिता हुसैन खान.
- आयूब पिता अनवर शाह.
- शाहिद पिता गफर खान.
- इमरान पिता सरदार खान.
- अमर पिता इन्द्र कुमार रोचवानी.
- खैरूनिशा पति आरिफ खान.
- मोहसिन पिता अनवर शाह.
- जितेंद्र कुमार पिता रमेश लाल.
- जिब्राईल पिता हुसैन खान.
- इम्तियाज बी पति शाहिद खान.
- इस्माइल पिता इब्राहिम खान.
- धनश्याम पिता शिवप्रसाद.
- प्रकाश पिता रामप्रसाद साहू.
- मुमताज पिता करीम खान.
- अजीज पिता करीम खान.
- गणेश पिता शंकर लाल पटवा.
- नबीदा बी पति शमद.
- मोहम्मद आरिफ पिता मोहम्मद मुन्नवर.
- सुल्तान पिता सरवर शाह.
इतिहास की यादें ताजा
वर्ष 1977 की 16/17 मार्च की दरमियानी रात्रि जुन्नारदेव बाजार में कच्ची दुकाने लगाकर धंधा करते थे। लेकिन एक रात काल बनकर आई ओर जामई बाजार को आग की गिरफ्त में लिया। व्यापारियों को भारी क्षति पहुंची थी। आज भी याद करते लोग उस भयावह मंजर की कल्पना कर सिहर जाते है।
ब्लैक-एंड-व्हाइट छायाचित्र
जुन्नारदेव के वरिष्ठ दिलीप दरियापुर्कर भाऊ ने आज लगभग 46 वर्ष छः महीने पहले के वक्त जब जुन्नारदेव मार्केट के कच्चे बाजार में भीषण आग से आग की लपटों में घिरी दुकानों के दृश्य व बाजार की उस समय की चहल-पहल के छायाचित्र संजोए रखी है।

धीरे धीरे समय बदलता रहा ओर जुन्नारदेव में पक्की दुकान बनी। लेकिन हिस्सा बाजार का ऐसा है जहां नगरपालिका द्वारा अस्थाई बाजार क्षेत्र घोषित किया। विजय स्तंभ ओर पुरानी सब्जी मंडी इस स्थान पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन किए जाते हैं।
