पेंच बांध प्रभावित किसान संगठन के जल सत्याग्रह आंदोलन में पहुँचे हज़ारों किसान
छिन्दवाड़ा, (दुर्गेश डेहरिया)। विधानसभा क्षेत्र एवं तहसील चौरई की ग्राम पंचायत केवलारी में पेंच बांध प्रभावित किसान संगठन के द्वारा जल सत्याग्रह आंदोलन किया गया।जहां आसपास से हज़ारों की संख्या में किसान सहित महिलाएं भी अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ पहुँची।
जहां से किसान नेता शिव पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि हम सभी किसानों द्वारा 11 सितंबर को अनुविभागीय अधिकारी चौरई एवं जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा में विशाल रैली निकाली गई थी और ज्ञापन भी दिया गया था। शासन प्रशासन ने एक सप्ताह का समय देकर सभी किसानों को वापस भेज दिया था।लेकिन एक सप्ताह से ज्यादा बीतने के बाद भी सरकार किसानों के बारे में कोई निर्णय नही ले पाई।इसलिए पेंच बांध प्रभावित किसान संगठन के द्वारा ग्राम केवलारी में किसानों का जल सत्याग्रह आंदोलन रखा गया था।
जहां किसान सहित भारी संख्या में महिलाओं ने 4,5 घंटे पानी के अंदर डूबकर आंदोलन करती रही। आंदोलन स्थल पर भारी पुलिस प्रशासन सहित NDRF की टीम भी मौजूद रही। शिव पटेल ने बताया कि पेंच परियोजना के अंर्तगत माचागोरा बांध में जलाशय होने के कारण आसपास के 31 ग्राम प्रभावित हो गए हैं। जिनकी आबादी के हिसाब से अगर देखा जाये तो सिर्फ 4 ग्राम भुतेरा,धनोरा,भूला, बाराहबिहारी पूरी तरह जलमग्न हैं।और 14 ग्राम आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं व 13 ग्रामों की मात्र भूमि प्रभावित हुई है।
ग्राम के किसान व सरपंच संघ जिलाध्यक्ष परसराम वर्मा,मूलचंद साहू एवं राजकुमार वर्मा सहित अन्य किसानों ने बताया कि जलाशय निर्माण के दौरान आसपास के लगभग 2500 परिवार प्रभावित हुए थे। बांध प्रभावित किसानों की कुछ मुख्य मांगे इस तरह है कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा प्रदान किया जाए। सरदार सरोवर बांध की तर्ज पर विशेष पैकेज दिया जाए। शासन द्वारा बसाए गए पुनर्वास को पुनःअर्जन कर शहर के किनारे विस्थापित किया जाए।मत्स्य पालन एवं मछली का ठेका प्रभावित ग्रामों की समिति एवं मछुआरों को दिया जाये।

जिन किसानों के विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन के भू-अर्जन प्रकरण लंबित है उन सभी अपीलीय प्रकरणों वापिस लेकर को फरियादी किसानों को मुआवजा दिया जाये। जिला कलेक्टर स्तर की समस्या को प्रभावित किसानों के जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर तत्काल निराकरण किया जाए।थर्मल पावर के लिए अडानी द्वारा ली गई जमीन को किसानों को स्वामित्व किया जाये।पेंच बांध प्रभावित किसान परिवारों ने अपनी इन माँगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
