ताप्ती पदयात्रा रत्नापुर पहुंची, हुआ भव्य स्वागत
बैतूल। मां ताप्ती की परिक्रमा बहुत ही खुशनसीब वालों को मिलती है। मां ताप्ती के उद्गम स्थल मुलताई से श्रद्धालु विगत 15 वर्षो से निरंतर परिक्रमा की प्रथा को बनाए हुए हैं। परिक्रमा लगातार 16 वें वर्ष में मकर संक्रांति के दूसरे दिन 15 जनवरी को मां ताप्ती परिक्रमा यात्रा उद्गम स्थल मुलताई से प्रारंभ होकर लगातार 34 दिन का सफर पूरा कर 19 फरवरी को संगम स्थल डुमस की खाड़ी सूरत में परिक्रमा यात्रा का अर्ध समापन होगा। यात्रा के 9 वे दिन जब परिक्रमा यात्रा अमरावती जिले के रत्नापुर गांव पहुंची जहां अधिकत्तर ग्रामीण मां ताप्ती के बारे में बिल्कुल अनजान थे।

जब परिक्रमा वासियों ने सुबह ताप्ती पुराण के माध्यम से उन्हें मां ताप्ती के यश गान के बारे में बताया उनके उद्गम के बारे में बताया तो वह सब भाव विभोर हो गए और पूरे गांव ने मिलकर ताप्ती मैया पर चुनरी चढ़ाने का संकल्प लिया और चुनरी लेकर पूरा गांव मां ताप्ती के तट पर पहुंच रहा है। पूरे गांव ने प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल सप्तमी को माता जी का जन्मदिन मनाने का संकल्प भी लिया यात्रा अपने उद्देश्य में 16 वे साल भी मां ताप्ती के यशगान को गांव गांव और हर घर घर पहुंचाने में सफल सिद्ध हो रही है। यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत हो रहा है।
