प्राचीन महादेव मंदिर में शिखर कलश स्थापित

Brajkishore Bhardwaj
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प्राचीन महादेव मंदिर में शिखर कलश स्थापित


मोहगांव हवेली/सौंसर। सुप्रसिद्ध अर्ध नारीश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के सामने सर्पा नदी तट पर, महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध संत एकनाथ महाराज द्वारा स्थापित देश के दूसरे विजय पांडुरंग मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन महादेव मंदिर में वसंत पंचमी पर पूरे विधि विधान से रुद्राभिषेक के साथ सामाजिक कार्यकर्ता डॉक्टर गोपाल वंजारी के हाथों शिखर कलश स्थापित किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में वारकरी पांडुरंग भक्त एवं शिव भक्त मौजूद थे।

ज्ञातव्य हो कि, लगभग 700 वर्ष पूर्व महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध संत एकनाथ महाराज ने काशी प्रवास के दौरान, यहां सर्पा नदी तट पर, अर्ध नारीश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के सामने, देश की दूसरी, भगवान विजय पांडुरंग की मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा की थी। वारकरी संप्रदाय की विजय पांडुरंग मूर्ति दो ही स्थानों पर स्थापित हैं। जिसमें एक संत एकनाथ महाराज की जन्मस्थली पैठण (महाराष्ट्र) में तथा दूसरी यहां। इसी परिसर में प्राचीन महादेव मंदिर भी स्थित हैं।

इस संबंध में जिला सहकारी बैंक सौंसर के मैनेजर किशोर आष्टिकर नें बताया कि, सभी मंदिरों में शिखर पर धातु कलश स्थापित होता हैं किन्तु इस प्राचीन महादेव मंदिर में शिखर कलश स्थापित नहीं था। जो इतने वर्षों के पश्चात् आज डॉ. गोपाल वंजारी के हाथों स्थापित हुआ। कलश स्थापना पर डॉ. वंजारी ने भगवान भोलेनाथ की कृपा एवं आष्टीकर परिवार के सहयोग का आभार जताया। विजय पांडुरंग मंदिर के पुजारी शेखर महाराज आष्टीकर ने कलश स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त की हैं।

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इस अवसर पर उपस्थित नगर परिषद के पूर्व सभापति आनंद कलम्बे, रेमंड कंपनी यूनियन के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद हनवतकर, सेवादल के अध्यक्ष पांडुरंग खुलगे, अर्ध नारीश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पूर्व अध्यक्ष कैलाश कलम्बे नें इस कार्य की भूरी भूरी प्रशंसा की हैं।

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नमस्कार, मैं ब्रजकिशोर भारद्वाज पिछले 4 सालों से पत्रकारिता, Content Writing, Web Development की फिल्ड में कार्यरत हूँ। मैं Samacharokiduniya.in, Naukarifinder.com, Phonekadoctor.com पर हर तरह के कंटेंट लिखता हूँ।
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