अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार आंदोलन का दूसरा दिन
सारनी। यूनाइटेड फोरम, मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल अभियंता संघ, पावर इंजीनियर्स एवं एम्पलाइज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार आंदोलन का सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में दूसरा दिन है। पिछले 44 घंटों से युवा सहायक अभियंता और संयंत्र सहायक जो 5 अक्टूबर को शाम 4 बजे से प्लांट में ड्यूटी पर गये थे, समाचार लिखे जाने तक बाहर नहीं निकल पाये हैं।
युवा सहायक अभियंता और संयंत्र सहायक प्लांट के अंदर फंसे
आंदोलन के दूसरे दिन सुबह से ही गेट पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों की भीड़ थी, जिसे सुरक्षा सैनिकों ने व्यवस्थित करते हुए ठेका श्रमिकों को काम पर जाने दिया। आज भी प्लांट के अंदर एंबुलेंस गई, जिसने हालत खराब कर्मचारी को अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया।
भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य ऊर्जा सचिव संजय दूबे अवकाश से लौट आए हैं। पूरे मध्यप्रदेश में बिजली विभाग में आक्रोश है। सरकार ने हर वर्ग के लोगों को लाभ दिया है, लेकिन संयुक्त रूप से संगठनों की उचित मांगों पर सरकार और कंपनी प्रबंधन ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस बार संगठन आर पार की लड़ाई के मूड में हैं।
सरकार ने डिस्काम कंपनी में निजीकरण की शुरूआत कर दी है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में एस ई सी एल के साथ पावर प्लांट बनाए जाने का संगठनों का विरोध है। हमारे इंजीनियर्स और एम्पलाइज इतने सक्षम हैं, तभी हमारे प्लांट देश में कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। सरकार ने नगर निगम के पेंशनर्स को भी 4% मंहगाई राहत का भुगतान कर दिया, तो क्या कारण है कि शासन बिजली विभाग के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है।

कंपनी प्रबंधन के इस रवैए से सेवानिवृत्त पेंशनर्स और वर्तमान के नियमित कर्मचारी, अधिकारी आक्रोशित हैं। कार्य बहिष्कार आंदोलन के कारण पेंच जल विद्युत गृह तोतलाडोह से अरूण सहारे सहायक अभियंता को 5 अक्टूबर के आदेश के अनुसार 6 अक्टूबर को चचाई के लिए कार्य मुक्त कर कंपनी अपनी मनमानी कर रही है।
