सावित्री बाई ने सामाजिक कुरीतियों का दूर किया: प्रो.विजेता चौबे
बैतूल। जेएच कॉलेज के महिला उत्पीडऩ एवं निवारण समिति के तत्वावधान में भारत की प्रथम शिक्षिका, नारी मुक्ति की प्रणेता एवं महिलाओं के लिए पहला विद्यालय खुलने वाली सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई।
इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक एवं मुख्य वक्ता डॉ.विजेता चौबे द्वारा सावित्रीबाई फुले के संघर्षमय जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा पहला कन्या विद्यालय खोलने, महिलाओं के प्रति व्याप्त तात्कालिक कुरीतियों जैसे कन्या हत्या, बाल विवाह, सती प्रथा, विधवा पुनर्विवाह ना होना आदि का उन्होंने विरोध करते हुए इन कुरीतियों को दूर करने के अनेक प्रयास किए। महिला उत्पीडऩ एवं निवारण समिति की संयोजक डॉ.अर्चना मेहता एवं अन्य वरिष्ठ प्राध्यापको डॉ.अर्चना सोनारे एवं डॉ.अनीता सोनी द्वारा भी उनके व्यक्तित्व कृतित्व एवं संघर्षमय जीवन पर प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम का संचालन प्रो.कृष्णा गौसर एवं आभार डॉ.रंजिता बरखानिया द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ.आर के तिवारी के मार्गदर्शन में, प्रो.शीतल खरे, डॉ.वीणा डेहरिया, रासेयो जिला संघटक डॉ सुखदेव डोंगरे की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कॉलेज स्टॉफ और रासेयो के स्वयंसेवक मौजूद थे।
