Chhindwara News : घोरावाड़ी, करमोहिनी बंधी, करैया और नन्दौरा से लेकर चिकटबर्री तक कन्हान नदी रेत चोरी
दमुआ, (दुर्गेश डेहरिया)। हिरदागढ़, रामनगरी, छिंदी कामथ से गुजरी कन्हान को जहाँ नवेगांव क्षेत्र का रेत माफिया लूट रहा है वही दमुआ नंदन जैसे शहरी इलाकों में दिन रात बड़ी मात्रा में रेत की चोरी की जा रही है। क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार के लिए जिम्मेदार खनिज विभाग के अधिकारी आखिर किसके इशारों पर आँखों पर बांधे हुए है यह तो वही जाने लेकिन इतना तय है कि क्षेत्र में रेत की बेफिक्री से हो रही चोरी के लिए राजनीति बहुत बड़ी जिम्मेदार है क्योंकि इसके संरक्षण के बिना रेत का इस पैमाने पर फल फूल रहा अवैध कारोबार संभव ही नही है।

रात के नौ बजे से तड़के पांच बजे तक रेत से भरी ट्रालियो को खीचते ट्रैक्टर्स को हनुमान दफाई के किनारे से गुजरी कन्हान नदी ,और वाशरी के लिए बनाए गए रेल्वे ट्रैक के पार कन्हान के रेत घाट पर रात में किसी भी समय आसानी से देखा जा सकता है। रेत माफिया से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। वर्दी की आंखे महज इसलिए बन्द है क्योंकि इसके बदले उसे नज़राना पेश किया जा रहा है।
रेत के लुटेरों के लिए यह दौर शहर में चल रहे निजी और सरकारी निर्माण कार्यो दोनों ही नजरिए से खासा महत्वपूर्ण है। ठेकेदारों के साइट्स से लेकर निजी निर्माण कर्ताओ तक सभी को रेत की जरूरत है इसीलिए रेत चोरो के लिए यह समय मन माफिक कमाई का जरिया बना हुआ है।
बताते है कि शहर में तीन चार ट्रैक्टर्स से रेत सप्लाई के लिए सबसे ज्यादा बदनाम एक शख्स ने रेत घाट से लेकर सप्लाई के ठीये तक बाकायदा ऐसी फील्डिंग जमा कर रखी है कि अनुमति प्राप्त अन्य लुटेरों से उसे तिगुना मुनाफ़ा प्राप्त हो। हालांकि इसके लिए उसे रेत के घाट से लेकर स्टॉफ तक सभी को साधना पड़ा है।
शहर में इन दिनों लगभग सात आठ रेत चोर सर्वाधिक सक्रिय है। जो दिन भर ग्राहक ढूंढते है और रात में उनके ठीये पर मनमाने दामों पर रेत पहुँचा रहे है।रेत के लुटेरो के प्रति खनिज, राजस्व और वन विभाग की खामोशिया भी बड़े साठगांठ की तरफ इशारा करती है। यहाँ रेत महज कन्हान के खजाने से ही नही बल्कि वन क्षेत्र से भी निकाली जा रही है। क्षेत्र में फ़िलहाल रेत की महज तीन खदान स्वीकृत है। जहाँ रेत खदाने है उस इलाके से लेकर दमुआ तक के रेत चोरो ने समय के हिसाब से नजराना देकर जिम्मेदारों से आँखे मुंदने की इजाज़त ली हुई है।
यही वज़ह है कि शहर के आसपास ग्रामीण अंचलों से रेत के अवैध परिवहन करते ट्रैक्टर्स कभी भी पकड़ लिए जाते है, लेकिन शहर में रात भर रेत ढोते ट्रैक्टर्स ना कभी धराते है और ना इन लुटेरो पर मामले बनते है।

इसी वजह से यहाँ रेत माफिया कन्हान नदी से रेत का उत्खनन और परिवहन कर मालामाल हो रहे है। ठेकेदार के गुर्गों ने क्षेत्र में अवैध तरीके की रायल्टी लेकर रेत निकालने और बेचने का ऐसा जाल बिछा दिया है कि क्षेत्र में ही रेत के दाम आसमान छू रहे है।
