25 वे वर्ष में राष्ट्र रक्षा मिशन का प्रवेश संरक्षकों ने दी शाबासी
रजत उत्सव वर्ष में बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति करेगी विभिन्न आयोजन
बैतूल। भारत-चीन-तिब्बत-म्यानमार अंतराष्ट्रीय सीमा पर रक्षा बंधन का पर्व मनाने के साथ ही बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति ने रहत जयंती वर्ष में प्रवेश कर लिया है। सामाजिक कार्यों के अलावा नवाचारों में अग्रणी संस्था के रजत उत्सव वर्ष में प्रवेश पर संस्था के संरक्षकों ने पूरी टीम को शाबासी देने एक सहभोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के शैशव काल से लेकर 24 वर्ष के सफर, उपलब्धी और भविष्य की योजनाओं को लेकर समिति संरक्षक समाजसेवी परमजीत सिंह बग्गा, हेमंत वागद्रे, हेमंत पगारिया, आदित्य बबला शुक्ला, धीरज बोथरा, विवेक मालवीय, मनीष दीक्षित, अतुल गोठी, डॉ वसंत श्रीवास्तव, राजेश गावंडे ने समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान गीत संगीत का भी लम्बा दौर चला। 
सरहद से वापसी के बाद देश के कोने-कोने तक पहुंचेगी सरहदी
कार्यक्रम के दौरान गौरी ने बताया कि वर्ष 2024 में रक्षाबंधन का पर्व सरहद पर तैनात जवानों के साथ मनाने के बाद राष्ट्र रक्षा मिशन का 25 वर्षों का सफरनामा सरहदी देश के कोने-कोने तक पहुंचेगा। यह संकलन देश का अभूतपूर्व दस्तावेज होगा जिसमें सेना, सैनिक, शहीद और सरहद से जुड़े संंस्मरणों का समावेश होगा। रजत वर्ष प्रवेशोत्सव के दौरान सचिव भारत पदम, कोषाध्यक्ष जमुना पंडाग्रे, सह सचिव ईश्वर सोनी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।
24 वर्षों में मिला अपार प्रोत्साहन इसलिए बढ़ते रहे कदम
रजत जयंती वर्ष में प्रवेश पर संस्था के संरक्षक हेमंत वागद्रे एवं हेमंत पगारिया द्वारा बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के राष्ट्र रक्षा मिशन के शुरुआती दौर को याद करते हुए बताया कि राष्ट्र रक्षा मिशन ने बैतूल को देश के अंतिम छोर तक पहुंचाकर जिले का मान-सम्मान बढ़ाया है। बेटियों के घर से सरहद तक पहुंचे कदम जिले की पहचान बन गए है। परमजीत सिंह बग्गा एवं आदित्य बबला शुक्ला ने कहा कि किसी कार्य की शुरुआत आसान है, लेकिन उसे वर्षों तक लगातार करते रहना चुनौती है, लेकिन राष्ट्र रक्षा मिशन हर चुनौती और बाधा को पार करते हुए अपना संकल्प पूरा करता रहा है।
कार्यक्रम का संयोजन समाजसेवी मनीष दीक्षित ने किया वहीं डॉ वसंत श्रीवास्तव ने कहा इस समिति की वजह से उनकी बेटी नेहा की स्मृति में मणिकर्णिका जैसे सम्मान की पहल हुई। जिसे आज पूरे प्रदेश और देश में सराहना मिल रही है। समिति अध्यक्ष गौरी बालापुरे ने बताया कि एक छोटा सा संकल्प सभी संरक्षकों एवं बैतूल के सहृदयी लोगों की वजह से मिशन बन पाया है। राष्ट्र रक्षा मिशन, ऑटो एम्बुलेंस योजना, सशक्त सुरक्षा पैड बैंक, हेयर फॉर होप इंडिया, बड्र्स ऑफ बैतूल जैसे सेवा प्रकल्पों की सफलता के पीछे सहयोगियों का साथ और प्रोत्साहन है।

उन्होंने कहा कि पिछले 24 वर्षों में बैतूल जिल सहित प्रदेश एवं देश से समिति को अपार प्रोत्साहन, सम्मान और आशीर्वाद मिला है जिसकी वजह से कदम बढ़ते रहे है और भविष्य में भी समिति का यही प्रयास होगा कि जब भी मौका मिलेगा बैतूल का नाम गौरवान्वित करते रहेंगे। उन्होंने समिति के प्रत्येक प्रकल्पों के लिए सहयोग देने वाले दानदाताओं, सहयोगियों एवं मीडिया के प्रति आभार व्यक्त किया।
