Betul Samachar : प्रकृति की गोद में बनाई पेंटिंग, शिव के आदिदेव को दर्शाया 

Brajkishore Bhardwaj
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Betul Samachar : प्रकृति की गोद में बनाई पेंटिंग, शिव के आदिदेव को दर्शाया 


बैतूल। शिव को आदिदेव कहने का कारण है कि उनका विस्तार अनंत है। वे अपने जीवनकाल में बहुत से रूप लेते हैं और इन रूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए, शिव को आदि देव कहना उनकी अनन्त शक्ति और समग्रता का संकेत होता है। खेड़ी निवासी उमा सोनी ने युवा चित्रकार व कला गुरु श्रेणिक जैन की मार्गदर्शन में शिव शंकर भगवान की अलौकिक कलाकृति बनाई। उमा सोनी ने बताया कि उन्हें यह तस्वीर बनाने में दो माह लगे। उमा ने यह तस्वीर हनुमान डोल में प्रकृति के बीच बनाई है। अब यह तस्वीर आगामी समय में भोपाल में होने वाली प्रदर्शनी में लगाई जाए। श्रेणिक जैन ने बताया कि भगवान शिव को आदियोगी भी कहा जाता है। जिसका शाब्दिक अर्थ है पहला योगी या आदिगुरु। कई पुराणों में इसका वर्णन भी मिलता है कि भगवान शिव योग के सबसे पहले गुरु या योग के प्रवर्तक हैं। इसलिए भगवान शिव को आदियोगी कहा गया है। आदियोगी अर्थात भगवान शिव ने अपने सात शिष्यों, यानी सप्तर्षियों को योग का ज्ञान दिया था। बड़े समर्पण भाव और प्रतिभा के साथ बनाई गई तस्वीर की सभी ने सराहना की है।

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आर्ट ऑफ लिविंग का शिविर कल से

विशिष्ट दैवी होम सहित होंगे अनेक आयोजन

बैतूल। आर्ट ऑफ लिविंग का तीन दिवसीय विशिष्ट दैवी होम श्री श्री रविशंकर की प्रेरणा से व श्लोका जी बैंगलोर के सानिध्य में रामकृष्ण बगिया में तीन दिवसीय देवी पूजन होम हवन का आयोजन कल 8 अक्टूबर से किया जाएगा। वरिष्ठ प्रशिक्षक डॉ.अल्का पांडे ने बताया कि कल मंगलवार 8:30 बजे से सामूहिक संकल्प, शाम 6 बजे से सुदर्शन होम, सत्संग, गरबा के साथ शिविर का शुभारंभ किया जाएगा और 10 अक्टूबर को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा। इस बीच अनेक आयोजन किए जाएंगे। डॉ.पांडे ने सभी से उपस्थित होने का आग्रह किया है।

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नमस्कार, मैं ब्रजकिशोर भारद्वाज पिछले 4 सालों से पत्रकारिता, Content Writing, Web Development की फिल्ड में कार्यरत हूँ। मैं Samacharokiduniya.in, Naukarifinder.com, Phonekadoctor.com पर हर तरह के कंटेंट लिखता हूँ।
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