अधिकारी विकास यात्रा में व्यस्त उधर मेला क्षेत्र में भारी अव्यवस्था
नही बन पाई शिवभक्तों के लिए व्यवस्था
मेला स्थल पर अव्यवस्थाओं को देख नाराज हुए विधायक, जिम्मेदारों को लगाई फटकार
कलेक्टर सहित आला अधिकारियों से विधायक की चर्चा के बाद हरकत में आया स्थानीय प्रशासन
पानी की समस्या को देख विधायक ने कराई पीएचई से मोटर एवं पाइप की व्यवस्था
जुन्नारदेव, (दुर्गेश डेहरिया)। सतपुड़ा की वादियों में विराजे चौरागढ़ महादेव की दुर्गम यात्रा शुरू हो चुकी है। हर-हर महादेव के जयघोष और हाथ में त्रिशूल लेकर लाखों शिव भक्त महाशिवरात्रि तक देवाधिदेव के दर्शन करने यहाँ पहुचेंगे। इस यात्रा की शुरुआत छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव विकासखण्ड की ग्रामपंचायत जुन्नारदेव विशाला स्थित पहली पायरी से शुरू होकर पैदल एवं वाहन द्वारा पहाड़ी रास्तों से तय की जाती हैं। इसलिए समीपी जिले सिवनी एवं बालाघाट सहित महाराष्ट्र के जिलों के भक्त भी यहीं से गुजरते हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि 18 फरवरी को आ रही है।
चौरागढ़ महादेव के इस धार्मिक मेले को लेकर अभी से उत्साह बना हुआ है। इस यात्रा की सबसे खास बात यह हैं कि भक्त तामिया भूराभगत और जुन्नारदेव की पहली पायरी से पैदल एवं वाहन से यात्रा शुरू करते हैं। इस कठिन यात्रा का सफर सतपुड़ा की उबड़-खाबड़ पहाडि़यों से होता हुआ चौरागढ़ पहुंचता है, जहां पहाड़ी पर विराजे भगवान शिव के दर्शन होते हैं। कई भक्त मान्यता को लेकर नंगे पैर तक हांथों में त्रिशूल लिए पैदल ही बाबा के पास पहुंचते हैं। हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक महादेव मेला जो पहली पायरी जुन्नारदेव विशाला से प्रारंभ होता है। इसमें महाराष्ट्र एवं अन्य प्रदेशों से लाखों की संख्या में भोले के भक्त जुन्नारदेव पहली पायरी से होकर चौड़ागढ पहुंचते है। उक्त मेले की व्यवस्था पूर्णतः शासन के नियंत्रण में होती है।
विकास यात्रा के चक्कर मे ऐतिहासिक महादेव मेले को भूला प्रशासन
दशकों पूर्व से यहाँ अनेक प्रांतों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बीते कुछ वर्षों से अव्यवस्था एवं विसंगतियों के कारण लगातार घटती जा रही है। अन्य दूरस्थ स्थानों से आने वाले शिव भक्तों को यहाँ पर आशानुरूप बेहतर व्यवस्था नही मिल पाने से उन्हें भारी निराशा होती है। मेला प्रारम्भ हो चुका है, हजारों यात्रियों का यहाँ आवागमन भी प्रारम्भ हो चुका है भाजपानीत मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा जारी विकास यात्रा के कारण प्रशासन ऐतिहासिक एवं आस्था से जुड़े इस महादेव मेले को पूर्णतः भुला चुका है।
बजबजाती गंदगी के बीच पानी को तरसते दिखे श्रद्धालू
जुन्नारदेव विकासखंड के पहली पायरी से शुरू होने वाली महादेव की चौरागढ यात्रा अभी अपने शुरुआती स्वरूप में ही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना जाना भी शुरू हो गया है, लेकिन मेला व्यवस्था देख रहे अधिकारियों की अनदेखी के कारण आने वाले श्रद्धालुओं को चारों ओर बजबजाती गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है एवं पानी को भी तरसना पड़ रहा है।शौचालयों में ताले लगे हैं और साथ ही जो शौचालय उपयोग में लिए जा रहे हैं उसमें पानी उपलब्ध ही नहीं है व साथ ही वे गंदगी से पटे पड़े है।
मेला स्थल पर अव्यवस्थाओं को देख नाराज हुए विधायक जिम्मेदारों को लगाई फटकार
स्थानीय जनपद के अधिकारियों द्वारा की जा रही व्ययवस्थाओ की पोल आज जुन्नारदेव विधायक के मेला स्थल पर पहुँचने और वंहा की गई व्यवस्थाओ की जानकारी पर लेने पर खुली जिसको लेकर भी विधायक द्वारा कड़ी आपत्ति जाहिर की व मेला व्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कड़े शब्दों में व्ययवस्थाओ को सुधारने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।पेयजल सुविधा की अनुबलब्धता देख विधायक के निर्देश पर पी एच ई विभाग से पेयजल हेतु मोटर की व्यवस्था की जा रही है । विधायक द्वारा मेला स्थल से ही जिला कलेक्टर को भी मेला स्थल पर चल रही अव्यवस्थाओ की जानकारी दूरभाष पर देते हुए खिन्नता व्यक्त की गई है।
कलेक्टर सहित आला अधिकारियों से विधायक की चर्चा के उपरांत हरकत में आया स्थानीय प्रशासन
जुन्नारदेव विधायक सुनील उईके की मेला स्थल से ही दूरभाष पर छिंदवाड़ा कलेक्टर सहित आला अधिकारियों से मेले में व्याप्त अव्यवस्थाओं एवं स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही सम्बन्धी चर्चा होने के पश्चात विकास यात्रा में मशगूल स्थानीय प्रशासन अचानक ही हरकत में आया। आनन फानन में नगर पालिका से सफाई दस्ते को बुलाकर शौचालयों की साफ सफाई कराकर वहाँ पर पानी की व्यवस्था की गई। साथ ही बंद पड़े बोर में पी एच ई से विधायक द्वारा दिलाई गई मोटर भी डालना प्रारम्भ किया जा चुका है। पंचायतों से टैंकर बुलाकर पानी की व्यवस्था की जा रही है।

स्थानीय निवासियों एवं श्रद्धालुओं ने विधायक का माना आभार
मेले में व्याप्त अव्यवस्थाओं के निराकरण के लिए विधायक सुनील उईके के द्वारा उठाए गए आवश्यक कदमों के लिए स्थानीय निवासियों एवं मेले में आए श्रद्धालुओं ने उनका आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धनयवाद दिया है।
