महेन्द्र नावंगे को मिली पीएचडी
बैतूल। महेन्द्र नावंगे को माईक्रोबायोलॉजी विषय में स्टडीस ऑन क्रिप्टोकोकस नियोफारमेंस स्पेसीज काम्प्लेक्स विथ स्पेशल रिफेन्स टू इकोलॉजी इन विट्रो ड्रग सेन्सिविटी एडं एन्जाईमेटिक एक्टिविटी विषय पर शोध उपरांत बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है।

कृषक सवाईराव नावंगे एवं शांता नावंगे के पुत्र और वर्तमान में जेएच कॉलेज में अतिथि विद्वान ने यह शोध कार्य जेएच कॉलेज में प्राध्यापक डॉ.अल्का पांडे के मार्गदर्शन में और को गाईड बीयू के डॉ.अनिल प्रकाश के निर्देशन में पूर्ण किया है। महेन्द्र ने अपने शोध कार्य में बताया कि किस तरह कबतरों की बीट व पेड़ों की खोह के फन्जाई से शुगर के मरीज, और एचआईवी के मरीजों में सिकेन्ड्री इन्फेक्शन फैलता है। इनकी इस उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ.राकेश तिवारी, कॉलेज स्टॉफ सहित ईष्ट मित्रों और परिजनों ने बधाई दी है।
