वृद्ध महिला की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास तथा 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा
बैतूल। जिला सत्र न्यायालय ने वृद्ध महिला की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा तथा 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार माननीय अपर सत्र न्यायालय, भैसदेही, जिला-बैतूल ने वृद्ध महिला की हत्या एवं एक अन्य महिला को बल्लम से मारकर चोट पहुंचाने वाले आरोपी मनोज इरपाचे निवासी- पाटाखेडा, थाना- भैंसदेही को धारा 302, 452, 324 भादवि में दोषी पाते हुए, धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से धारा 452 भादवि में 2 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1 हजार रुपये के अर्थदंड से एवं धारा 324 भादवि में वर्ष के कठोर कारावास एवं 1 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है। प्रकरण में मप्र राज्य की ओर से अभियोजन का संचालन सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, भैसदेही मनवीर सिंह ठेनुआ द्वारा किया गया है।
उक्त मामले में अभियोजन का द्वारा बताया गया कि आहत संगीता उइके ने अपनी चाची सन्नू कवडे के साथ डायल 100 गाड़ी से थाना जाकर थाना भैंसदेही में सूचना दी कि वह ग्राम पाटाखेडा में रहती है और मजदूरी करती है। वह 14 अक्टूबर 2019 को दोपहर के करीब 12 बजे अपने आँगन में लेटी थी और बच्चे को दूध पिला रही थी तभी मोहल्ले का मनोज इरपाचे हाथ में बल्लम लेकर आया और उसे बाये पैर एवं जांघ पर बल्लम से मार दिया| वह जैसे तैसे उठकर अपनी जान बचाने के लिये भागी। उसके भाई रामदास ने देखा तो वह बच्चे को उठाकर भागा। उसके भाई ने गांव में आवाज लगाई तो गुलाब उड़के, धनसा उइके आये और उसे बचाया। गांव वालो ने मनोज को पकड़ लिया परन्तु वह वश में नहीं आ रहा था तो उसे मारपीट कर बांध दिया। दमला उड़के का घर उसके घर से दो घर बाद में हैं, थोड़ी देर बाद गांव वालों ने बताया कि दमला उइके उसके घर में मरी पड़ी है। उसका खून निकला पड़ा है। मनोज इरपाचे ने ही दमला को मारा है, क्योंकि वह उसके परिवार से रंजिश रखता था। मनोज ने उसे भी पैर पर बल्लम मार दिया है। मनोज ने उसे धमकी दी थी कि उसे भी जान से खत्म कर देगा। आहत संगीता की इस रिपोर्ट पर आरोपी मनोज इरपाचे के विरुद्ध धारा 302, 323, 506 भादवि का अपराध कायम किया गया और विवेचना की गयी। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

माननीय न्यायालय ने सुनाई सजा
प्रकरण का विचारण माननीय अपर सत्र न्यायालय, भैसदेही द्वारा किया गया और प्रकरण में मप्र राज्य की ओर से अभियोजन का संचालन करते हुए सहायक जिला अभियोजन अधिकारी मनवीर सिंह ठेनुआ ने माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोजन मामले को संदेह से परे प्रमाणित किया और अपने तर्क प्रस्तुत किये गए अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय ने अभियोजन मामले को संदेह से परे प्रमाणित मानकर आरोपी मनोज इरपाचे पिता झक्का इरपाचे को धारा 302, 452, 324 भा.द.वि. में दोषी पाते हुए, धारा 302 भा.द.वि. में आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड से, धारा 452 भा.द.वि. में 2 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1000 रुपये के अर्थदंड से एवं धारा 324 भा.द.वि. में 1 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1000 रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है।
