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ज्ञान से सिद्धि और सिद्ध से मोक्ष मिलता है: पंडित सुखदेव शर्मा
बैतूल। शिवजी का अभिषेक करने से आत्मशुद्धि नैवेध से आयु, दीपक से ज्ञान, पुण्य की प्राप्ती होती है। ओम मंत्र महामंत्र है, शिव की आत्मा है, ओम का स्मरण से ही शिव जी का स्मरण हो जाता है। ये एकाकार मंत्र है। यह उदगार शारदा मैय्या दरबार विनोबा वार्ड में चल रही शिव महापुराण के दौरान पंडित सुखदेव शर्मा ने व्यक्त किए। पंडित सुखदेव शर्मा ने कहा कि शिवलिंग का संबंध पुरूषत्व से नहीं है इसका अर्थ चिन्ह है। शिवलिंग एवं शालिग्राम का पूजन करने से सभी देवताओं की पूजा हो जाती है। पृथ्वी उत्पन्न करती है, जल वृद्धि करता है अग्नि नष्ट करती है वायु में एक लय होती है आकाश सबका अनुग्रह करता है।
पंडित शर्मा ने कहा कि सतयुग में ध्यान, त्रेता में तप, द्वापर में यश करने से कलियुग में प्रतिमा पूजन से ज्ञान प्राप्त होता है। धर्म करने से सुख अधर्म करने से दुख मिलता है यह शास्वत सत्य है। ज्ञान से सिद्धि और सिद्ध से मोक्ष मिलता है और यह परामानंद सत्संग से प्राप्त होता है। धर्म दो प्रकार के होते हैं पहला धर्म धन से दूसरा धर्म शरीर से होता है। जो धन हमें प्राप्त हो उसका दशांश दान अवश्य करना चाहिए। आयोजकों ने सभी से कथा लाभ लेने का आग्रह किया है।
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