नन्हें-मुन्हे बने अहिल्या होल्कर

Brajkishore Bhardwaj
Advertisements
Advertisements

नन्हें-मुन्हे बने अहिल्या होल्कर

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर पखवाड़े का शुभारंभ


बैतूल। लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर के त्रिशताब्दी समारोह पखवाड़ा के अन्तर्गत सरस्वती विद्या मन्दिर कालापाठा में 1 से 15 जनवरी तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैैं। इसी के तहत गुरूवार को वन्दना सभा में अहिल्याबाई होल्कर के जीवन चरित्र पर विद्यालय संचालन समिति की सहसचिव श्रीमती रश्मि साहू एवं विद्यालय प्राचार्य संजय उपाध्याय द्वारा लोकमाता के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन किया गया।

इस मौके पर साहू ने कहा कि अहिल्याबाई होळकर ने अपने राज्य की सीमाओं के बाहर भारत-भर के प्रसिद्ध तीर्थों और स्थानों में मन्दिर बनवाए, घाट बँधवाए, कुओं और बावडय़िों का निर्माण किया, मार्ग बनवाए-सुधरवाए, भूखों के लिए अन्नसत्र (अन्यक्षेत्र) खोले, प्यासों के लिए प्याऊ की व्यवस्था, मन्दिरों में प्रवचन के लिए विद्वानों की नियुक्ति शास्त्रों के मनन-चिन्तन के लिए की। साथ ही उन्होने लोकमाता के चरित्र को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

Advertisements

इस पखवाड़े में विद्यालय के बच्चों द्वारा अहिल्याबाई की वेशभूषा, रंगोली, चित्रकला, निबन्ध आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है । शिशु वाटिका के नन्हें छात्रों ने भी सुन्दर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर शाला स्टाफ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

Advertisements
Advertisements
Share This Article
नमस्कार, मैं ब्रजकिशोर भारद्वाज पिछले 4 सालों से पत्रकारिता, Content Writing, Web Development की फिल्ड में कार्यरत हूँ। मैं Samacharokiduniya.in, Naukarifinder.com, Phonekadoctor.com पर हर तरह के कंटेंट लिखता हूँ।
Leave a comment

You can't copy content of this page, Sorry

Team Samacharokiduniya (:

Discover more from समाचारों की दुनिया

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Advertisements