बैतूल में गोंगपा का प्रदर्शन: 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, बोले- जल्द हल नहीं तो होगा आंदोलन
बैतूल, (दिलीप पाल)। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने सोमवार को प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित 9 सूत्रीय ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर को सौंपा गया। प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है की उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो पार्टी आंदोलन छेड़ने के साथ अदालत का दरवाजा भी खटखटाएगी। उन्होंने मंहगाई घटाने के लिए टैक्स शून्य करने की मांग भी की है।

रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कई नीतिगत मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने 5वीं अनुसूची के विषय पर अपनी बात रखी। वहीं, ग्राम न्यायालय अधिनियम को लागू करने का मुद्दा भी उठाया। पार्टी जिलाध्यक्ष हेमंत सरेयाम जिला मीडिया प्रभारी दिलीप पाल के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने इस दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने भाजपा कांग्रेस का भी विरोध किया है।
गोंगपा ने यह की मांगें
- भारतीय संविधान के तहत राज्यों को विशेषाधिकार प्रदान किए गए हैं। अनुच्छेद 40 के प्रावधानों के अनुसार राज्य की जो पंचायतें पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में शामिल नहीं है। जैसे जिला बैतूल के जनपद क्षेत्र बैतूल, आमला पर तथा मुलताई 5वीं अनुसूचित क्षेत्र अंतर्गत नहीं है। इन जनपदों की पंचायतों में पेसा एक्ट नियम 2022 का विस्तार किया जाए।
- ग्रामीण अंचलों में न्याय व्यवस्था सरलता से उपलब्धहो ग्राम न्यायालय अधिनियम 2008 को धरातल पर पर लागू किया जाए। भूमि स्वामी अंतरण के अधिकार के तहत भूमि का कोई भी विक्रय तब तक विधिमान्य नहीं होना चाहिए। जब तक कम से कम पांच एकड़ सिंचित तथा 10 एकड़ असिंचित भूमि किसी किसान के पास शेष बच जाए।
- शासन द्वारा पंचायत उपबंध पैसा नियम 2022 की तरह अनुसूचित क्षेत्रों की नगर पालिकाओं, नगर परिषदों में विशेष परिषद के लिए नगर पालिका (अनुसूचति क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 2001 ड्राफ्ट बनाकर तैयार है, जिसका लाभ प्रदेश सहित नगर पालिका सारणी, नगर परिषद घोड़ाडोंगरी, शाहपुर, चिचौली भैंसदेही तथा आठनेर लाभ से वंचित है, तत्काल प्रभावित किया जाए।
- प्रदेश के जिलो में व्याप्त युवा बेरोजगारी स्तर कम करने के लिए राजस्व रिकार्ड अनुसार स्थानीय नीति प्रभावित कि जाए।
- मंहगाई दर कम करने के लिए खाद्य वास्तुओं पर लगने वाले सभी तरह के टैक्स शून्य किए जाए। • रेत प्राकृतिक खनिज है, सिर्फ परिवहन शुल्क को लिया जाना न्यायिक रहेगा।
- प्रदेश तथा जिलो में जिन क्षेत्रों को पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में शामिल नहीं किया है। उन जनजाति क्षेत्रों में भारतीय दंड संहिता 1860 का विस्तारीकरण अध्याय -1 की धारा 5 में प्रावधानित स्थानीय विधि के अनुसार किया जाए।
- मुख्यालय पर आयोजित होने वाली प्रति मंगलवार जनसुनवाई में शामिल होने वाले जनता को आने-जानेका यात्रा भत्ता तत्काल प्रदान किया जाए।
