आजादी के 75 साल बाद विकास से वंचित ग्रामीण
जान हथेली पर लेकर पुलिया पार करना मजबूरी बनी
छिन्दवाड़ा, (दुर्गेश डेहरिया)। पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र मे एक गांव ऐसा भी हैं जहा ग्राम वासी प्रतिदिन काम के लिए भी बरसात के मौसम में जान हथेली पर रख के उफनती नदी पार करते है। पांढुर्णा के बेलगांव भुयारी की जहा की जनता का कनेशन वर्षा ऋतु में दुनिया से कट जाता हैं। पुलिया पर पानी होने के स्थिति में ग्रामीण पुलिया पार नहीं कर पाते और गांवों के कुछ युवक लोगो के जरूरी कार्यो के लिए अपने जीवन की परवाह करे बगैर गांव के लोगों का बाढ़ के अंदर पुलिया से पार करवाते हैं। यह नजारा देखकर आपकी रूह काप सकती है की यह लोग अपना जीवन यापन कितनी कठिन परिस्थितियों में कर रहे है।
हमने एक युवक से बात की तो पता चला वह अस्पताल जाने के लिए इतना जोखिम भरा कदम उठा रहा था और पुलिया पार कर रहा था आज तक कोई जनप्रतिनिधि उनकी मदद नहीं करता है ताकि इस पुलिया की ऊंचाई बढ़ाई जाए और बरसात के मौसम में इनका आने-जाने में परेशानी ना हो चुनाव आते ही घोषणाओं पर घोषणा होती है।

मगर चुनाव के बाद सब वापस ग्रामीणों के मुद्दों को भूल जाते हैं यह एक चिंता का विषय भी है की इन ग्रामीणों की जान की परवाह शासन प्रशासन करता ही नहीं है या इन्हें अनदेखा करता है तभी आज तक ऐसे गांव को जोड़ने के रास्ते पर पुलियों का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
