भूतपूर्व छात्रों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन
बैतूल। जेएच कॉलेज में भूतपूर्व छात्र संगठन द्वारा विद्यार्थियों में सांस्कृतिक अभिरूची को बनाए रखने के लिए नाटक पतलून का मंचन किया गया । कार्यक्रम के आरम्भ में महाविद्यालय के दो भूतपूर्व छात्र प्रशांत उइके एवं प्रियंका भलावी का मप्र पीएससी में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित होने पर पुष्पगुच्छ एवं शाल श्रीफल देकर सम्मान किया गया।
डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित प्रशांत उइके ने अपनी इस सफलता पर विद्यालय के गुरुजनों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और अपने ही महाविद्यालय में सम्मानित होने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की, प्रियंका भलावी ने सफलता का आधार परिश्रम को बताते हुए महाविद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ.विजेता चौबे ने कहा कि महाविद्यालय परिवार दोनो भूतपूर्व छात्रों के चयनित होने पर गौरवान्वित है इनकी सफलता से अन्य छात्रो को भी प्रेरणा मिलेगी। भूतपूर्व छात्र संगठन के अध्यक्ष सुभाष अहुजा द्वारा दोनों विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते उन्हें बधाई दी गई और निरंतर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। अतीत पवार ने छात्रों की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि यह श्रृंखला निरन्तर आगे बढऩी चाहिए और इसके लिए भूतपूर्व छात्र संगठन निरन्तर मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करेगा।
मुक्ताकाश मंच में मंचित इस बहुचर्चित नाटक को मनीष जोशी बिस्मिल द्वारा लिखा गया एवं इसका सशक्त निर्देशन शिरीष सोनी द्वारा किया गया मानव मन में निहित असीमित अभिलाषाओं और अनंत इच्छाओं पर केन्द्रित नाटक में निहित भावुकता, व्यंग्य, परिहास, विवशता को केन्द्रीय पात्र शिरीष सोनी, सूत्रधार अमित केसरा एवं अन्य पात्रों ने जीवंतता प्रदान की। सभी पात्रों ने अपनी-अपनी भूमिका एवं उचित आरोह अवरोह के साथ किए गए वार्तलाप से दर्शकों की तालिया बटोरी। भूतपूर्व छात्र संगठन द्वारा किए गए इस सराहनीय प्रयास की सभी ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. विजेता चौबे, सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रो.महेश मेहता, प्रो.धर्मेन्द्र कुमार, प्रो.अशोक दाभाई, प्रो.मीना डोनीवाल, प्रो.अर्चना सोनारे, प्रो.नीरज धाकड़, प्रो. रामकुमार गौतम, प्रो.राहुल ठाकुर, प्रो.हितेश जैन, के साथ ही कार्यालयीन कर्मचारी अमित आर्य, रिंकू पाटिल, दीपेश डहेरिया,अनंत श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे और नाटक का आनंद लिया ।
