छात्रावासों के निरीक्षण में खुली पोल
सहायक आयुक्त ने देखा विकासखंड में कैसी लापरवाही करते है अधीक्षक और शिक्षक
जुन्नारदेव, (दुर्गेश डेहरिया)। आदिवासी विकासखंड जुन्नारदेव में शिक्षा व्यवस्था पर लाखों करोड़ों रुपए का बजट खर्च करने के बाद भी सरकार बड़े-बड़े दावे होर्डिंग लगाकर करती है। लेकिन जमीनी हकीकत स्थानीय लोगों की आंखों के सामने होती है। आदिवासी क्षेत्र में संचालित छात्रावास और आश्रमों के हाल बेहाल है। यहां लंबे समय से मलाईदार पदों की शोभा बढा रहे अधीक्षक इस पद में काबिज होने के लिए तगड़ी सांठगांठ कर मोटी रकम देकर वर्षों तक जमे रहते है।
और फिर होती है लूट
कभी अमानक सामग्री खरीदी तो कभी मीनू के आधार पर भोजन नहीं देने के मामले अक्सर सामने आते हैं। यहां शिक्षा पाने वाले विद्यार्थियों को किस हाल में रहते हैं ये वही जानते है। लेकिन सब कागजी खानापूर्ति कर छात्रावास और आश्रम के चार्ज सम्हाल रहे जिम्मेदार भारी भ्रष्टाचार करके तगड़ा फायदा उठा रहे है।
कौन लेगा जिम्मा
जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी होती है। लेकिन आज तक चाहे कोई भी जनप्रतिनिधियों ने लाखों के बजट पर चलने वाले छात्रावासों की हालत को देखकर सवाल नहीं उठाया और ना ही कभी इन छात्रावास में पहुंचकर यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों से पुछताछ कर हाल-चाल जाना और अधिकारियों से उचित व्यवस्था बनाने हेतु मांग की गई जिस पर प्रतिनिधियों पर की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह उठाने तय है।
बीते शुक्रवार को जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सत्येन्द्र सिंह मरकाम ने जिले के छात्रावास और आश्रमों का निरीक्षण किया। इस दौरान भारी अनिताएं छात्रावास आश्रम में पाई गई। जिस पर आयुक्त ने जवाब तलब किया गया है। इस निरीक्षण के दौरान खामियां आई अब हॉस्टल अधीक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही की गाज गिर सकती है। एसी ट्रायबल द्वारा विकासखंड जुन्नारदेव के नवेगांव,भतोडिया कटकुही छात्रावास व आश्रम में औचक निरीक्षण किया। जिसमें भोजन की घटिया क्वालिटी, छात्रावास और आश्रमों में परिसर में साफ सफाई का ध्यान नहीं रखा गया।

जिसके चलते परिसर में जंगली घास और झाड़ियों ने कब्जा किया। अधीक्षक धन्नूलाल यदुवंशी को नोटिस जारी किया गया। इस दौरान बालक आश्रम अधीक्षक सुरेंद्र काटोलकर अनुपस्थित पाए गए। आश्रम में पसरी गंदगी ओर शौचालय बंद था। कटकुही आश्रम निरीक्षण में अधीक्षक सदाराम व दो अन्य शिक्षक भी गैरहाजिर मिले वहीं संस्था में मिलन कुमार सिसोदिया का अध्यापन कार्य संतोषजनक नहीं मिला जिस पर नोटिस दिया गया है।
