कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर संविदा सीएचओ को कारण बताओ सूचना पत्र जारी एवं एएनएम निलंबित
बैतूल। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश बौद्ध ने बताया कि कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस के निर्देशानुसार पूजा उइके संविदा सीएचओ हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर जमन्या विकासखंड भीमपुर को स्व. सुनीता की मृत्यु के संबंध में गैर जिम्मेदाराना रवैया बरतने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। पूजा उइके द्वारा एमसीपी कार्ड में दर्ज की गई रीडिंग एवं अनमोल पोर्टल पर दर्ज की गई रीडिंग में भिन्नता पाई गई। अनमोल एप पर सुनीता उच्च जोखिम गर्भावस्था की जगह सामान्य श्रेणी में दर्शित हुई जिससे उन्हें समय पर वास्तविक उपचार उपलब्ध नहीं कराया जा सका। उक्त कृत्य को मप्र संविदा सेवा नियमों/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. भोपाल द्वारा जारी नवीन मानव संसाधन मेन्युअल 2021 (संशोधित) के नियम 11 के अनुरूप न होकर कदाचरण की श्रेणी में माना जाकर 48 घण्टे के भीतर तथ्यात्मक जानकारी सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। संतोषप्रद जवाब न होने की दशा में संविदा सेवाएं समाप्त किये जाने संबंधी कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।
17 जनवरी 2023 को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गयी थी। समीक्षा के दौरान मातृ-मृत्यु दर की विकासखंडवार समीक्षा की गयी। विकासखंड भीमपुर में सुनीता पति सुशील, गर्भवती महिला निवासी ग्राम कुंभी पंचायत जमन्या की 03 सितम्बर 2022 को सुबह 3 बजे जिला चिकित्सालय में प्रसव पूर्व मृत्यु हुई थी, के संबंध में उपस्थित स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं खंड चिकित्सा अधिकारी भीमपुर से चर्चा की गई एवं प्रसूता के दस्तावेजों का सूक्ष्मता से परीक्षण किया गया। दस्तावेजों का परीक्षण करने पर पाया गया कि सुश्री पूजा उइके संविदा सीएचओ द्वारा एएनएम के साथ उक्त मृत प्रसूता की एक ही बार 12 जुलाई 2022 को ग्राम कुंभी विकासखंड भीमपुर में एएनसी जांच की गयी थी। एएनसी जांच में सुनीता पति सुशील (मृत प्रसूता) की एमसीपी कार्ड में रीडिंग दर्ज की गई थी उसके आधार पर स्व. सुनीता उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला थी। पूजा उइके सीएचओ द्वारा उक्त मृत प्रसूता को उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की श्रेणी में चिन्हांकित नहीं किया गया तथा एमसीपी कार्ड में शुगर, यूरिन एवं एल्बोमिन जांचे दर्ज नहीं की गईं जबकि गर्भवती महिला सिकलसेल एनीमिया से पीडि़त थी।
कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर एएनएम
निलंबित
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश बौद्ध ने बताया कि कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस के निर्देशानुसार गंगा पाटिल एएनएम उप स्वास्थ्य केन्द्र जमन्या विकासखंड भीमपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। गंगा पाटिल कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही करने, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला का निर्धारित मापदण्ड अनुसार जांच नहीं करने वास्तविक तथ्यों को छिपाने, पोर्टल पर त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि करने तथा पदीय दायित्वों का निर्वहन करने में अक्षम साबित हुयीं हैं। उन्हें उपरोक्त कदाचरण के लिए म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम, 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाकर उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहपुर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
17 जनवरी 2023 को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मातृ मृत्यु दर की विकासखंड-वार समीक्षा की गई। विकासखंड भीमपुर में स्व. सुनीता पति सुशील निवासी ग्राम कुंभी, ग्राम पंचायत जमन्या की 03 सितम्बर 2022 को प्रसव के पूर्व मृत्यु हुई थी, के संबंध में उपस्थित संबंधित स्त्रीरोग विशेषज्ञ, खंड चिकित्सा अधिकारी से चर्चा की गई एवं प्रसूता के दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
दस्तावेजों के परीक्षण में पाया गया कि, गंगा पाटिल एएनएम उप स्वास्थ्य केन्द्र जमन्या विकासखंड भीमुपर द्वारा स्व. सुनीता के एमसीपी कार्ड में जांचों की रीडिंग दर्ज की गई थी, उसके आधार पर स्व. सुनीता उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला थी। सुनीता सिकलसेल एनीमिया से भी पीडि़त थी। ऐसी जटिल स्थिति होने पर भी पाटिल द्वारा निर्धारित जांचे नहीं कराई गईं, प्रतिमाह 9 तारीख को आयोजित होने वाले विकासखंड स्तरीय स्वास्थ्य केम्प में स्व. सुनीता को चिकित्सकीय उपचार एवं परामर्श हेतु नहीं लेकर गयीं तथा अनमोल पोर्टल में भी त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि की गयी जिससे मृतका स्व. सुनीता अनमोल पोर्टल में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की श्रेणी में प्रदर्शित नहीं हो पाईं, जिसके कारण प्रसूता का समय रहते वास्तविक उपचार नहीं हो सका।

सीएमएचओ ने बताया कि मां एवं शिशु की जान बचाना विभाग का सर्वप्रथम दायित्व है। मातृ एवं शिशु मृत्यु होने के मामलों में गैर जिम्मेदार रवैया अपनाने वाले दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध आगे भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।
