शेयर बाजार में पैसा लगाना हो या फिर सोना खरीदना हो या फिर आपकी पहचान के लिए किसी भी सरकारी स्कीम में इस्तेमाल होना हो, पैन कार्ड सबसे ज्यादा लीगल आइडेंटीटी कार्ड के तौर पर इस्तेमाल होता है. आधार बनने के बाद भी पैन कार्ड को उससे जोड़ना अनिवार्य किया गया, ताकि आपकी फाइनेंशियल हिस्ट्री को ट्रैक किया जा सके. लेकिन, क्या PAN कार्ड की कोई एक्सपायरी होती है? कितने दिनों तक पैन कार्ड वैलिड डॉक्युमेंट के तौर पर काम करता है? अगर अभी तक आपने पैन कार्ड की वैलिडिटी पर गौर नहीं किया तो आज समझिए कब तक वैलिड है पैन कार्ड और कैसे बनता है ये डॉक्युमेंट.
लाइफटाइम वैलिडिटी के साथ आता है डॉक्युमेंट
PAN Card की वैलिडिटी लाइफटाइम तक रहती है. व्यक्ति के मरने के बाद ही पैन कार्ड को रद्द कराया जा सकता है या फिर डेथ सर्टिफिकेट की मदद से सभी जरूरी जगहों पर KYC अपडेट कराया जा सकता है. पैन कार्ड की एक्सपायरी किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही होती है. पैन कार्ड पूरे जीवन में वैलिड रहता है. पैन कार्ड में 10 अंकों का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है. पैन नंबर में जिस व्यक्ति का पैन कार्ड है, उसकी जानकारी होती है. लीगल तौर पर एक व्यक्ति एक ही पैन कार्ड अपने पास रख सकता है. एक से ज्यादा पैन कार्ड अपने पास रखने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है.

गैरकानूनी है एक से ज्यादा पैन रखना
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, अगर किसी के भी पास एक से ज्यादा पैन है और वो उसका इस्तेमाल करता है तो ये गैर कानूनी है. इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 272B के प्रावधानों के तहत एक से ज्यादा पैन कार्ड रखने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लग सकता है. अगर आपके पास भी एक से ज्यादा PAN हैं तो इसे सरेंडर कर सकते हैं. पैन कार्ड को आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही तरह से सरेंडर कर सकते हैं.
