आत्महत्या मामले में भोजपुरी समाज के लोगों पर बिना जांच मामले दर्ज करने पर भोजपुरी एकता मंच ने जताया विरोध
अवैध पिस्तौल और करोड़ों की बीसी के करोड़ों रुपए की जांच की मांग
सारनी। बगडोना के कंप्यूटर व्यापारी एवं बीसी संचालक की आत्महत्या किए जाने के बाद मामला पेचिदा होता दिखाई दे रहा है। भोजपुरी समाज के लोगों पर बिना जांच किया पुलिस के माध्यम से अपराध पंजीकृत किए जाने के बाद भोजपुरी एकता मंच ने इस पर विरोध दर्ज करते हुए पुलिस अधीक्षक के नाम एसडीओपी सारनी को ज्ञापन सौपकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने ज्ञापन में कई बिंदुओं पर आत्महत्या कांड के जांच की मांग पुलिस अधीक्षक से करने का कार्य किया है।
भोजपुरी एकता मंच के अरुण सिंह, लक्षमण साहू, महेन्द्र भारती ने बताया कि 7 अक्टूबर को कंप्यूटर की दुकान संचालक रविंद्र देशमुख के माध्यम से अपनी ही आवास पर अवैध बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली इस मामले में क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित भोजपूरी समाज के लोगो पर पुलिस के माध्यम से बिना जांच पड़ताल के ही इन पर मामला पंजीकृत किया गया है।
भोजपुरी एकता मंच समाज पुलिस अधीक्षक से मांग करता है कि रविंद्र देशमुख आत्महत्या कांड के मामले की सीआईडी (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, यह मामला काफी हाई प्रोफाइल होने की वजह से उच्च स्तरीय जांच होगी तो इस मामले का खुलासा होगा।
भोजपुरी एकता मंच समाज यह भी मांग करता है कि मृतक रविंद्र देशमुख के पास जो अवैध बंदूक थी उसे बंदूक को उन्हें किसके माध्यम से पहुंचाया गया और यह अवैध बंदूक किसने उपलब्ध कराई घटना के दिन से घटना स्थल से उसका मोबाइल किसने उठाया और उसका डाटा किसने डिलीट किया, घर का सीसीटीवी क्यो बन्द किया गया, सोसाइट नोट की हैण्ड रायटिंग की जाँच किये बगैर पुलिस किसके दवाब मे आनन फानन केस दर्ज की इसकी भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
भोजपुरी एकता मंच के प्रमोद सिंह, भरत सिंह, लक्ष्मण साहू, संतोष यति, हलचल गुप्ता का कहना है कि कही अवैध बंदूक, बीसी सोसायटी और आईपीएल सट्टे में कोल कर्मचारी के अलावा व्यापारियों का पैसा तो नहीं लगाया गया है। एक माह पूर्व शोभापुर कॉलोनी के कोल कर्मचारी अनिल खबसे ने आत्महत्या कर ली थी ऐसी स्थिति को देखते हुए रवि देशमुख
और उससे जुड़े कई महत्वपूर्ण लोगों के खाते के लेनदेन के पिछले दो वर्षो की जाँच होनी चाहिये की कोलकर्मियो के चार से पाँच करोड़ रुपये कहा गये?
भोजपुरी समाज के महेंद्र भारती और मिंटू राय का कहना है कि इस मामले की जब डेढ़ वर्षो से शिकायत की जा रही थी तो सारनी पुलिस के माध्यम से इसमें मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया। बार-बार पुलिस में शिकायत करने के बाद कार्यवाही क्यो नहीं की गयी कही साजिश के तहत और इसी वजह से ही क्षेत्र के प्रतिष्ठित भोजपुरी समाज के लोगो का नाम तो सुसाइड नोट में तो नहीं जोड़ा गया है यह उच्च स्तरीय जांच का विषय है।

भोजपुरी समाज की वरिष्ठ अरुण सिंह, लक्ष्मण साहू, भरत सिंह, महेंद्र भारती, संतोष यति, नकुल गुप्ता, सरोज कुमार ठाकुर, सुजीत सिंह, हलचल गुप्ता, नन्हे सिंह, मधु जगदेव, अजय सिंह, कन्हैया राम, जयप्रकाश सिंह, कैलाश भारती, मुन्ना सिंह, शिव शंकर साहू, सुभाष चौरसिया, धर्मेंद्र सिंह, प्रेमचंद बगियार, संजू, प्रकाश, सुनील सिंह सहित अन्य लोग थे।
