पुलिस की कठोर विवेचना से आरोपी को न्यायालय ने 20 साल का सश्रम करावास व 5 हजार का जुर्माना की सजा सुनाई
बैतूल। पुलिस की कठोर विवेचना के फलस्वरूप आरोपी को माननीय न्यायालय ने 20 साल का सश्रम करावास व 5 हजार का जुर्माना की सजा सुनाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बैतूल पुलिस की कठोर विवेचना के कारण थाना आमला के अपराध क्रमांक 476/19 धारा 363, 366(ए), 376(3) भादवि व 4/5 पाक्सो एक्ट में आरोपी को 14 जून को माननीय न्यायालय एडीजे तृतीय आमला द्वारा निर्णय सुनाते हुये आरोपी को 20 वर्ष कठोर सश्रम करावास एवं 5 हजार रुपए के दंड से दडित किया गया है।
उक्त मामले में थाना आमला में 31.08.19 को अपराध क्रमांक 476/19 धारा 363, 366(ए), 376(3) भादवि व 4/5 पाक्सो एक्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान उक्त अपराध घटित होना पाया जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण कराया गया व घटना के प्रत्येक पहलू की सूक्ष्मता से विवेचना की गई। जिसमे अपराध सिद्ध होना पाया गया।
विवेचना में पुलिस अधीक्षक बैतूल के मार्गदर्षन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व एसडीओपी मुलताई के निर्देशन में विवेचना की गई। विवेचना के दौरान सभी जरूरी साक्ष्यों का संकलन किया गया। फरियादी द्वारा बताये गये स्थानो व साक्ष्यों से मिलान किया गया। जो सभी सत्य पाये जाने से आरोपी को माननीय न्यायालय पेश किया गया।

उक्त मामले में माननीय न्यायालय ने अनिकेत सीलूकर निवासी आमला को सजा सुनाई। वही उक्त मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी आमला विजयराव माहोरे के द्वारा की गई।
