बेटी बने भवानी जैसी लाकर एक तलवार तो दो

Brajkishore Bhardwaj
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बेटी बने भवानी जैसी लाकर एक तलवार तो दो

मनसंगी मंच इंस्टा लाइव आयोजन पर बोली गई पंक्तियां हैं


सारनी। मनसंगी साहित्य संगम के इंस्टाग्राम प्रेषित लाइव काव्यगोष्ठी का आयोजन बेहद ही सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ जिसमें सीहोर मध्य प्रदेश के भावी कवि आदरणीय राहुल ठाकुर जी आमंत्रित कवि रहे जिन्होंने बेहतरीन काव्यपाठ से विभिन्न तरह से रसावदन किया व कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। हंसाया भी करुण से भरा भी। इन्ही के साथ कानपुर से शुभम तिवारी जी ने शेर-ओ-शायरी से श्रोताओं के मन में जगह बनाई। कवयित्री मुस्कान वर्मा जी असम से जुड़ी थी, जिन्होंने साहित्य प्रेम से सबका दिल जीत लिया। संस्थापक व संचालक अमन राठौर” मन “जी ने बेहतरीन संचालन किया। संयोजक व अध्यक्ष सत्यम द्विवेदी जी के मार्गदर्शन से कार्यक्रम सफल रहा।

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सभी आमंत्रित कवि और कवयित्री तथा श्रोताओं से प्रशंशा भी प्राप्त की; अतिथियों ने मंच की उन्नति के लिए शुभ कामनाएं दी। यह आयोजन प्रति रविवार किया जाना है और आगामी कार्यक्रम में अमर पाल “अमर” दिल्ली से, सरिता सिंह ठाकुर “कोमल” जबलपुर (मप्र) से व लिटिल विश्वास झारखंड से उपस्थित रहेंगे।


सम्मानित कवियों की स्मृति पँक्तिया
शिक्षा ही जीवन का सार है
बिन शिक्षा जीवन बेकार है
पढ़ना लिखना तो हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है
पढ़े-लिखे फले फुले

मुस्कान वर्मा।


यही असल जिंदगी का आधार है। यक़ीनन शायरी करने लगेगा

जिसे भी दिख गया चहरा तुम्हारा।

शुभम तिवारी


विरहा की पीड़ा ढोना न आसान है सबसे छुप-छुप कर रोना ना आसान है

बिन लखन के जो महलों में जीवन जिया, उर्मिला जैसा होना ना आसान है।

राहुल ठाकुर


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नमस्कार, मैं ब्रजकिशोर भारद्वाज पिछले 4 सालों से पत्रकारिता, Content Writing, Web Development की फिल्ड में कार्यरत हूँ। मैं Samacharokiduniya.in, Naukarifinder.com, Phonekadoctor.com पर हर तरह के कंटेंट लिखता हूँ।
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