भाजपा नेता रंजीत सिंह ने सुसाइट केस की सीआईडी जांच को लेकर विधायक को पत्र लिखा
बैतूल। भाजपा नेता विधायक प्रतिनिधी रंजीत सिंह ने डॉक्टर योगेश पंडाग्रे को पत्र लिखकर रविंद्र देशमुख आत्महत्या मामले में साजिश के तहत नाम डालकर मेरी छवि खराब करने के मामले मे निष्पक्ष सीआईडी जांच कराई जाने की मांग की है।
जिसमें रंजीत सिंह ने कहा की 7 अक्टूबर को कंप्यूटर की दुकान संचालक रविंद्र देशमुख के माध्यम से अपनी ही आवास पर अवैध पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली इस मामले में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधी, पत्रकार के लोगो पर पुलिस के माध्यम से बिना जांच पड़ताल के ही सभी के साथ मेरे ऊपर मामला पंजीकृत किया गया है। विधायक जी आपसे मांग करता हूं कि रविंद्र देशमुख आत्महत्या कांड के मामले की सीआईडी (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, यह मामला काफी हाई प्रोफाइल होने की वजह से उच्च स्तरीय जांच होगी तो इस मामले का खुलासा होगा कि मृतक रविंद्र देशमुख के पास जो अवैध पिस्तौल थी, उसे पिस्टल को उन्हें किसके माध्यम से पहुंचाया गया, यह अवैध पिस्तौल किसने उपलब्ध कराई, घटना के दिन से घटना स्थल से उसका मोबाइल किसने उठाया और उसका डाटा किसने डिलीट किया, घर का सीसीटीवी क्यों बन्द किया गया, सुसाइड नोट की हैण्ड रायटिंग की जाँच किये बगैर पुलिस किसके दवाब में आनन फानन केस दर्ज की, इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
रंजीत सिंह ने कहा की मेरी राजनैतिक 32 वर्षो के कैरियर में पहली बार मुझ पर आरोप लगा और आत्महत्या के मामले मुझे बगैर जाँच के दोषी करार दे दिया गया जिस व्यक्ति से पिछले दो वर्षो से कोई बातचीत नही थी उसका गुनाहगार बना दिया। रंजीत सिंह ने कहा की सुसाइड नोट में 17 लोगो का नाम था लेकिन मुझे मास्टर मांइड बताकर पेश किया गया। मेरी वजह से समाज के लोग बट गये, यह मेरे लिये दुर्भाग्य है मैने सारी जिंदगी बगैर समाज के नेतागिरी की लोगो का अताह प्यार मिला। आज मेरे लोगो को मेरे सामने खड़ा कर दिया गया। मेरी जिंदगी मे ऐसा मोड़ आयेगा की मैने सोचा नही था जिस व्यक्ति से मेरे संबंध नही थे उसने मेरा नाम डाल दिया।
मुझे आपका आर्शिवाद प्यार बना रहा आपको इस मामले मे बहुत सुनने को मिला लोगो को ऐसा लगता है की मैं आपका विधायक प्रतिनिधी हूं इसकी मुझ पर कार्यवाही नहीं हुई कानून मुझ पर जो कार्यवाही करे मुझे कबूल है लेकिन इसकी निष्पक्ष चाँज करवाये क्योंकि जिंदगी में यह कंलक लेकर मैं नही जी सकता लेकिन क्या कोई व्यक्ति किसी प्रतिष्ठित क्षेत्र के अधिकारियो का नाम लिखकर चला जायेगा तो क्या इतनी जल्दी बगैर जाँच के कार्यवाही होगी।
मेरी जाँच के बगैर मुझे दोषी मान लेना कहा न्यायपूर्ण है सुसाइट नोट में पिछले बार पवार समाज व साहू समाज के लोगो का नाम था किसी ने ज्ञापन नहीं दिया लेकिन इस बार मुझे दोषी बनाकर पेश किया गया। वीसी सोसाइटी संचालको को महान बताया जा रहा है जिन्होंने व्यापारी कोलकर्मियो के करोड़ो रूपये डुबा दिये ऐसे हजार लोग है जिनके पैसे डुबे उनकी किसी को चिन्ता नहीं जो लोगो ने अपने पैसे मागे उसे अभियूक्त बना दिया न मेरा पैसा लगा न मेरी उससे कोई बात हुई हैं जिसके बावजूद मुझे दोषी बताकर पेश किया जा रहा है।

भाजपा नेता रंजीत सिंह आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे से अवैध पिस्टल बीसी सुसाईटी और आईपीएल सट्टे में कोल कर्मचारी व्यापारियों का पैसा तो नहीं लगाया गया है, खाते के लेनदेन के पिछले दो वर्षो की जाँच होनी चाहिये की कोलकर्मियो के चार से पाँच करोड़ रुपये कहा गये इसकी सीआईडी जाँच होगी तो सारी बाते सामने आयेगी। रंजीत सिह ने कहा की अपने राजनैतिक कैरियर पहली बार मुझ पर आरोप लगे यह उच्च स्तरीय जांच होगी तो मेरे ऊपर लगा कंलक मिट सकता है जब तक जाँच नही हो जाती मै अपने विधायक प्रतिनिधी से मुक्त होता हू मेरी वजह से आपको सुनना न पड़े बस इस मामले की सीआईडी जाँच करवा दे अगर मैं दोषी रहूंगा तो सजा भुगतने को तैयार हूं। मुझे राजनैतिक षड्यंत्र का शिकार बनाया गया वह कौन लोग है उनके मन मे नफरत पैदा कर मुझे दोषी बना दिया इसकी जाँच होनी चाहिये।
