ग्यारह दोहे रामायण मंडल का 279वां सप्ताह पूर्ण
रामकथा सुंदर कर तारी, संसय बिहग उड़ावनिहारी
बैतूल। रामकथा हमारी स्मृति का अनिवार्य हिस्सा है । भारतीय संस्कृति और जन-मन की आन्तरिक संरचना के ताने-बाने को रचने में रामकथा की भूमिका सर्वाधिक है । मानवीय चेतना के उदात्त – मूल्यों का सृजन रामकथा के मूल में है। ग्यारह दोहे रामायण मंडल द्वारा रामायण पाठ और हनुमान चालीसा पाठ का निरंतर 279वां सप्ताह लंका कांड दोहा क्रमांक 57 से 67 तक का संगीतमय वाचन बड़ वाले श्री हनुमान मंदिर कोठीबाजार में संपन्न हुआ। आयोजनकर्ता राजेश अवस्थी, बबलु सोनी, महेश रावत, दिनेश ठाकरे, कमलेश सोलंकी द्वारा रामायण मंडल के ढोलक मास्टर दृष्टिहीन मोनू कुमार को तिलक लगाकर, गमछा व श्रीफल एवं 11 सौ रूपए की राशि भेंटकर सम्मानित किया।

यह थे मौजूद
कार्यक्रम में पुरूषोत्तम बारस्कर, दीपक देशपांडे, विवेक शर्मा, अशोक पाटनकर, सोहनलाल राठौर, राहुल झरबड़े, संतोष परखे, सुनील चरडे, कमलेश लिल्लोरे, कमलेश घोडक़ी, विद्याधर यादव, श्री देशमुख, ब्रह्मदेव माकोड़े, पूरन मालवी, देवीदास खातरकर, राजेश धोटे, शिवराज परिहार, नाथूराम ठाकरे, श्यामलाल खातरकर, घनश्याम मदान, दीपक राठौर, सियाराम मालवी, दिलीप सोनपुरे, राजकुमार जसूजा, लखन पंवार, मंगलमूर्ति खंडगरे, रामकिशन बेले, अतुल देशकर, गौरीशंकर बाथरी, इंदल यादव, विनोद पंवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
