Betul Samachar : विधायक की पहल पर नवरात्र में रात में खुली रही दुकाने
बैतूल। विगत दिनों छोटे व्यवसायियों ने हिन्दू त्योहारों को देखते हुए प्रतिष्ठान 12 बजे तक खोलने की अनुमति देने के संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। जिसमें कहा गया था कि चाय, पान और नाश्ते के व्यवसायियों ने हिन्दुओं के पर्व पर प्रतिष्ठानों को रात्रि 12 बजे तक खुले रहने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था।
ज्ञापन में उल्लेख था कि हिन्दू आस्था के पर्व नवरात्रि, दशहरा और दिवाली अभी लगातार आगामी माह में आने वाले हैं। जिसमें श्रद्धालु आदि नगर में देवी दर्शन, देवी जागरण, और रामलीला के इत्यादि के देर रात्रि में सपरिवार घूमते हैं। साथ ही प्रतिष्ठानों से चाय-नाश्ता, पान आदि भी खाते-पीते हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि हिंदुओं के इन त्योहारों को देखते हुए प्रतिष्ठानों को 12 बजे तक खुले रहने की अनुमति दी जाए जिससे हिन्दू अपने त्योहारों को उत्साह पूर्वक मना सके।
विधायक से मिले व्यवसायी
इस संबंध में राजेन्द्र सिंह चौहान (केन्डु बाबा)ने कहा कि कुछ दिनों से नवरात्र महोत्सव के प्रारंभ से ही रात में 11 बजे तक चाय पर पान की दुकान प्रशासन के द्वारा बंद कराई जा रही थी। समस्त व्यापारी परेशान थे घूमने वाले परिवार जो रात में भोजन के बाद पान खाना जरूरी समझते है। देवी दर्शन एवं रामलीला के मंचन लाभ उठाने वाले गांव ग्रामीण से आने जाने वालों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता था किसी को अगर पानी की भी प्यास लगे तो गंज की सभी चाय पान की दुकान- बंद दिखती थी। शहर के सभी गुमठी वाले चाय पान की दुकान वालों ने बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल से उनके निवास पर जाकर निवेदन किया की नवरात्रि चल रहे हैं चौक चौराहे पर भीड़ भाड़ रहती है और लोगों का आना जाना बना रहता है। जिस पर हेमंत खंडेलवाल ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन से बात कर आपकी समस्या हल निकाल दिया जाएगा। जिसके बाद शनिवार रात्रि में दुकानें बंद नहीं करवाई गई।
यह थे मौजूद
इस अवसर पर नवनीत शर्मा, सहदेव सोनी, नरेंद्र राठौड़, अर्जुन राठौर, विल भोपाले, शैलेश भोपा, द्यद्ग सगीर खान, सुनील वासु पवार, सचिन जैन, संजू साहू, लटेश वीरू मालवीय, कपिल राठौर, आकाश राठौर, लक्की चौकीकर ने विधायक हेमंत खंडेलवाल के साथ में प्रशासन का भी आभार व्यक्त कर व्यक्त किया है।
बच्चों ने संभाली कमान, रोज कर रहे ढोल-मंजीरे के साथ माता की आरती
बैतूल। दुर्गा मंदिर खंजनपुर में मां दुर्गा की सुंदर मूर्ति की स्थापना की गई है। जिसमें रोज ढोल मंजीरों के साथ मां दुर्गा की आरती की जा रही है। जिसकी कमान वहां के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने संभाल रखी है और रोज वाद्य यंत्रों के साथ पूरी भक्ति और श्रद्धा के साथ आरती कर रहें हैं। मंदिर समिति द्वारा अलग-अलग दिनों में भजन, कुर्सी दौड़, नृत्य, मटकी फोड़ का आयोजन किया जा रहा है और विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी दिए जा रहें हैं।
इस अवसर पर नन्हें बच्चे शिवम मालवीय, लकी लोखंडे, अंश मालवीय, आकाश भावसार, समर्थ मालवीय, विहान वर्मा आराध्य मालवीय, धीरू मालवीय, कार्तिक राठौर, हाॢदक मालवीय, अनमोल सोनी, लक्ष्य मालवीय , राज सोनी आदि बच्चे पूरे उत्साह के साथ आराधना कर रहें हैं। आयोजकों ने सभी से प्रतिमा दर्शन का लाभ लेने का आग्रह किया है।
राजेन्द्र वार्ड में स्थापित की माता कि मनमोहक प्रतिमा
बैतूल। सार्वजनिक श्री नवदुर्गा उत्सव समिति राजेन्द्र वार्ड के तत्वाधान में प्रतिवर्षानुसार सिंह पर सवार मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा की स्थापना की गई है। जिसका बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन लाभ ले रहें हैं और रोज सुबह शाम होने वाली आरती में शामिल हो रहें हैं। आयोजन समिति के पुष्पराज मिश्रा ने सभी से दर्शन लाभ लेने का आग्रह किया है।
कोलंबो में कला प्रदर्शनी
बैतूल के कलाकार दिखाएंगे जौहर
बैतूल। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के बट्टी राइड गैलरी लियोनेल वेंकट आर्ट सेंटर प्रेम सिटी प्रेमदासा मावथा में कल प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है जिसमें बैतूल के कलाकार अपनी प्रदर्शनी का जौहर दिखाएंगे। यहां देश-विदेश के ख्याति नाम कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
बैतूल निवासी और वर्तमान में शासकीय गीतांजलि कन्या महाविद्यालय भोपाल में फाईन आर्ट के सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सिंह ने अपने आर्ट कलेक्शन के फोटोग्राफ कोलंबो पहले से भेजें थें जो चयनित हो चुकें हैं। डॉ. कीर्ति सिंह मध्यप्रदेश बैतूल के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार हैं। डॉ.कीर्ति सिंह ने अपनी कला के माध्यम से पशू-पक्षियों पर हो रहे अत्याचारों को दिखाया है।

जिसमें समाज को पक्षियों को बचाने का संकेत देती है। जिसके तहत द बर्ड, वेकअप की थीम पर माडर्न आर्ट बनाया गया है। डॉ.कीर्ति को अभी तक 135 से भी ज्यादा राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवार्ड मिल चुके हैं। डॉ.सिंह का बचपन बैतूल के ग्रामीण अंचलों में गुजरा है जो उनकी कलाकृतियों में भी नजर आती है। इनकी इस उपलब्धि पर जिले के कलाप्रेमियों ने बधाई दी है।
