भ्रष्टाचारी जिला उद्योग केन्द्र छिन्दवाडा के सहायक प्रबंधक को 4 वर्ष सश्रम कारावास
तीन तीन हजार रूपये जुर्माना लगाया गया
छिन्दवाड़ा, (दुर्गेश डेहरिया)। कम्प्यूटर सेन्टर खोलने के लिये मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत जिला उद्योग कार्यालय में आवेदन दिया था, साथ ही हर्रई के ही उसके दोस्त कृष्ण कुमार नेमा ने भी मोबाईल दुकान के लिये आवेदन दिया था। उक्त लोन पास कराने के लिये उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक, झनकलाल पवार के द्वारा प्रार्थी से दोनो केसो के लिये रिश्वत में 4000/- रूपये रिश्वत की मांग की गयी।
प्रार्थी के आवदेन पत्र पर रिश्वत संबंधी वार्ता टेप करके लाने हेतु वाईस रिकार्डर दिया गया। रिकार्डर में दर्ज वार्तालाप में रिश्वत की मांग संबंधी तथ्यों की पुष्टि होने पर ट्रेप कार्यवाही आयोजित की गयी एवं दिनांक 17/11/2014 को प्रार्थी से आरोपी झनकलाल पवार को 3000/- रूपये की रिश्वत लेते हुये जिला उद्योग केन्द्र छिन्दवाडा के पास रंगे हाथ पकडा गया।
संपूर्ण विवेचना के पश्चात आरोपी सहायक प्रबंधक झनकलाल पवार के विरूद्ध धारा 7, 13(1) डी सहपठित धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय द्वारा आरोपी के विरूद्ध आरोप विरचित कर साक्षियों के परीक्षण उपरांत अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुये दिनांक 03/10/2023 को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) छिन्दवाडा द्वारा आरोपी झनकलाल पवार को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत 4 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10000 रूपये जुर्माना एवं धारा 13 (1)D सहपठित धारा 13(2) भ्रष्टा चार निवारण अधिनियम में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3-3 हजार रूपये जुर्माने से दण्डित किया जाकर जिला जेल छिंदवाड़ा भेजा गया गया।

विचारण के दौरान आरोपी सेवानिवृत हो गया। प्रकरण में शासन की ओर से समीर कुमार पाठक जिला अभियोजन अधिकारी ,छिंदवाड़ा के द्वारा अभियोजन संचालन किया गया। प्रकरण की विवेचना लोकायुक्त निरीक्षक अजय तिवारी द्वारा की गई।
