Betul Court Samachar : 13 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष की सजा
बैतूल। 13 वर्षीय बालिका को जबरदस्ती जंगल ले जाकर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं कुल 7,000रू के जुर्माने से दंडित किया गया।
सहायक मीडिया सेल प्रभारी सौरभ सिंह ठाकुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार माननीय अनन्य विशेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 13 वर्षीय नाबालिग बालिका को जबरदस्ती जंगल ले जाकर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी अजय कास्दे निवासी-थाना सारणी को दोषी पाते हुए, धारा धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 376(3), 376(2)(एन) भादवि में दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5,000रू. जुर्माना, धारा 366 भादवि में दोषी पाते हुए 05 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माना तथा धारा 363 भादवि के अपराध का दोषी पाते हुए 03 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1,000रू. जुर्माना से दण्डित किया गया।
प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी द्वारा पैरवी की गई।
सहायक मीडिया सेल प्रभारी प्राप्त जानकारी के अनुसार इस घटना का संक्षिप्त विवरण है कि दिनांक 25-05-2022 को पीड़िता के द्वारा थाना सारणी में आरोपी अजय कास्दे के विरूद्ध इस आषय की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख करायी कि वह अपनी दादी के साथ रिश्तेदार के यहां शनिवार शादी में आयी थी, अगले दिन शाम को करीब 5 बजे वह शौच करने गांव के पास नदी की ओर गयी थी, तभी आरोपी अजय कास्दे उसके पास आया और जबरदस्ती उसका हाथ पकड़कर उसे जंगल की ओर ले गया, वह चिल्लाई किंतु कोई नहीं आया।
आरोपी ने उसे रात भर जंगल में रखा और उसके साथ जबरदस्ती बुरा काम (दुष्कर्म) किया, अगली सुबह पीड़िता ने आरोपी से घर जाने को कहा, तो आरोपी ने पीड़िता को घर नहीं जाने दिया, बल्कि एक-दो दिन तक उसे जंगल में घुमाता रहा और जंगल में उसके साथ कई बार गलत काम (दुष्कर्म) किया। पीड़िता घर जाने का कहती रही, परंतु आरोपी उसे घर नहीं जाने देता था, फिर अगले दिन सुबह आरोपी ने उसके साथ फिर से बुरा काम किया, उसके बाद उसने पीड़िता को उसकी बुआ के घर के पास लाकर छोड़ा और वहां से भाग गया। पीड़िता ने घर आकर सारी बात अपनी बुआ को बतायी।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सारणी में आरोपी अजय कास्दे के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी। विवेचना के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया था, आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस थाना सारणी द्वारा आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।

प्रकरण को जघन्य, चिन्हित एवं सनसनीखेज प्रकरणों की सूचीं में रखा गया था। जिसकी समय-समय पर जिला दण्डाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला अभियोजन अधिकारी की समिति के द्वारा समीक्षा की गयी।
