अगर आपको भी पीएफ खाते से संबंधित समस्या, सवाल हैं तो यहां ऑनलाइन पाये समाधान
खाताधारकों को अक्सर PF Account पीएफ खाते से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता है कि उन्हें अपनी बात कहां रखनी चाहिए ताकि उन्हें सही समाधान मिल सके। तो हम आपको बता दें कि ऑनलाइन खाताधारक अपनी शिकायत EPFO ईपीएफओ तक ऑनलाइन घर बैठे आसानी से पहुंचा सकते हैं। इसके लिए कई सारे प्लेटफॉर्म मौजूद हैं।
ग्रीवेंस मैनेजमेंट सिस्टम और EPFO Twitter ईपीएफओ ट्विटर हैंडल के जरिए शिकायत की जा सकती है। अगर आपको PF भविष्य निधि की निकासी, EPF ईपीएफ खाते के स्थानांतरण, KYC केवाईसी आदि से संबंधित कोई शिकायत है, तो इसे ग्रीवेंस मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से दर्ज करवाएं।
इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की आधिकारिक वेबसाइट epfigms.gov.in पर जाएं। यहां, आप रजिस्टर शिकायत के ऑप्शन पर ’पर क्लिक करके अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा आपको अपनी शिकायत की श्रेणी का चयन करके अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज कराना होगी।
इस वेबसाइट पर आपको शिकायत की स्थिति जानने का विकल्प भी मिलता है। यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी शिकायत पर सुनवाई हुई या नहीं, यदि हुई तो अभी वह किस स्टेज पर है। यानी आपको पूरी स्टेटस का पता चल सकता है। दूसरी ओर, किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए, आप EPFO ईपीएफओ के ट्विटर हैंडल @socialepfo पर ट्वीट करके अपनी शिकायत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को भेज सकते हैं।
EPFO के लंबित मामलों के लिए ई-कोर्ट की सुविधा
देश में ईपीएफओ से जुड़े हजारों केस लंबित हैं। कोरोना के संकट के चलते इनकी नियमित सुनवाई नहीं हो पा रही है, नतीजतन पीएफ, ईपीएफ निकासी जैसे महत्वपूर्ण मामले अटके हुए हैं लेकिन यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही इन मामलों की ऑनलाइन सुनवाई शुरू हो सकती है। इसके लिए ई-कोर्ट लगेगी।
हरियाणा के करनाल में ई-प्रोसेसिंग की पायलट प्रोजेक्ट के रूप में टेस्टिंग चल रही है। श्रम मंत्रालय से हरी झंडी मिली तो कोरोना काल में जारी अनलॉक के दौरान हजारों पीड़ितों को इसका फायदा मिल सकेगा।
EPF ईपीएफ से जुड़े मामलों की सुनवाई में दफ्तरों का चक्कर लगाते-लगाते लोग थक जाते थे। कभी कंपनी के प्रतिनिधियों के पास समय रहता है तो कभी कोर्ट में तारीख नहीं मिलने की समस्या होती है। यही कारण है कि देश में 2010 के बाद अभी तक 68 हजार से अधिक मामले पेंडिंग हो गए हैं। इनमें ईपीएफ निकासी, ईपीएफ खाते के ट्रांसफर व केवाईसी से जुड़े हजारों मामले शामिल हैं। सभी कंपनियों में ईपीएफ (इंप्लाई प्रोविडेंट फंड) अनिवार्य है। देश में चार करोड़ से ज्यादा ईपीएफ खाता धारक हैं।
इस तरह के मामले आते हैं EPFO कोर्ट में
– 7ए : इस धारा के तहत उन कंपनियों पर मामले दर्ज किए जाते हैं, जिसने कर्मचारियों का PF जमा नहीं किया। मामले दर्ज होने के बाद इसकी सुनवाई होती है, जो कि एक अर्थ न्यायिक प्रक्रिया है। इसमें दोषी पाए जाने पर कंपनी पर कार्रवाई की जाती है।

– 14 बी एंड 7 क्यू : इस धारा में उन कंपनियों पर मामला दर्ज किया जाता है, जो कि समय पर कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं करतीं। इस मामले में दोषी पाए जाने पर कंपनी का खाता भी सीज कर आगे की कार्रवाई करने का अधिकार ईपीएफओ के पास है।
