भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने यूजर्स के डाटा और आधार का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है. यूआईडीएआई ने ऑफलाइन सत्यापन करने वाली संस्थाओं के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें क्यूआर कोड के माध्यम से आधार को सत्यापित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं.
इसके साथ ही नागरिक की आधार संख्या एकत्र, उपयोग या संग्रहीत नहीं करने के निर्देश दिए हैं. जबकि, आधार के गलत इस्तेमाल की जानकारी 72 घंटे में प्राधिकरण और संबंंधित आधारधारक को देनी होगी.
यूआईडीएआई ने गाइडलाइन में आधार संख्या धारक की स्पष्ट सहमति के बाद संस्थाओं को आधार का सत्यापन करने के लिए सूचित किया गया है. इन संस्थाओं को नागरिकों के प्रति विनम्र होना चाहिए और उन्हें ऑफलाइन सत्यापन करते समय अपने आधार की सुरक्षा एवं गोपनीयता के बारे में आश्वस्त करना चाहिए. संस्थाओं को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण या किसी अन्य कानूनी एजेंसी द्वारा भविष्य में किसी भी ऑडिट के लिए नागरिकों से प्राप्त स्पष्ट सहमति का लॉग/रिकॉर्ड बनाए रखना आवश्यक है.
क्यूआर कोड से किया जाए आधार सत्यापन
यूआईडीएआई ने ऑफलाइन सत्यापन करने वाली संस्थाओं को पहचान के प्रमाण के रूप में आधार को भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक रूप में स्वीकार करने के बजाय आधार के सभी चार स्वरूपों (आधार पत्र, ई-आधार, एम-आधार और आधार पीवीसी कार्ड) पर मौजूद क्यूआर कोड के माध्यम से आधार को सत्यापित करने के लिए कहा है. जिससे आधार का गलत इस्तेमाल न किया जा सके.
आधार के गलत इस्तेमाल की 72 घंटे में दें सूचना
किसी भी नागरिक को आधार के ऑफलाइन सत्यापन से इनकार करने या असमर्थ होने पर कोई भी सेवा देने से इनकार नहीं किया जाता है. यदि संस्थाओं को किसी दुरुपयोग की सूचना मिलती है, तो वह यूआईडीएआई और संबंधित नागरिक को इस बारे में 72 घंटों के भीतर सूचित करना होगा. जिससे उनकी समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके.

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