हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी अब बच्चों में भी देखने को मिल रही है। बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते हैं। ज्यादातर माता-पिता बच्चों में हाई बीपी की पहचान नहीं कर पाते हैं। बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कई कारण हो सकते हैं। खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान के कारण बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अनुवांशिक कारणों की वजह से भी बच्चे हाई बीपी का शिकार हो जाते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर के कारण
बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आज के समय में काफी आम हो गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर होने पर शुरुआत में बहुत कम या फिर हल्के लक्षण दिखाई देते हैं। लेकिन जैसे ही यह समस्या बढ़ने लगती है। इसके लक्षण भी गंभीर होने लगते हैं। एक शोध में यह कहा गया है कि 2 से 4 प्रतिशत बच्चे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के शिकार होते हैं। सिरदर्द, थकान और चक्कर आने जैसे लक्षण को भी बच्चों में हाई बीपी की संकेत माने जाते हैं।
बच्चों में हाई बीपी होने पर उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।
हाई बीपी की वजह से बच्चों को नाक से ब्लीडिंग हो सकती है।
लगातार सिरदर्द और चक्कर आने को भी हाई बीपी का लक्षण माना जाता है।
सीने में दर्द और जकड़न भी हाई बीपी की वजह से हो सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर की वजह से बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं और उनका व्यवहार बदलने लगता है।
हाई ब्लड प्रेशर की वजह से बच्चों का विकास रुक जाता है और उनका वजन कम होने लगता है।
हाई ब्लड प्रेशर की वजह से बच्चों में जी मिचलाने की समस्या होने लगती है।
हाई ब्लड प्रेशर के कारण
ज्यादातर बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या जन्मजात होती है। इसके पीछे अनुवांशिक कारण हो सकते हैं। इसके अलावा हार्मोनल बदलाव, नर्वस सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें, हार्ट से जुड़ी बीमारी और किडनी की गंभीर बीमारी के कारण भी बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने लगती है। इसके अलावा खराब जीवनशैली और असंतुलित खानपान की वजह से भी बच्चे हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हो सकते हैं।

बच्चों में हाई बीपी से बचाव
बच्चों को हाई ब्लड प्रेशर का शिकार होने से बचाने के लिए पेरेंट्स को उनकी जीवनशैली और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों की खराब डाइट और निष्क्रिय जीवन शैली भी उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का शिकार बना सकती है। फास्ट फूड,जंक फूड्स और बहुत ज्यादा तला भुना खाने देने की बजाय बच्चों को हेल्दी फूड्स खिलाएं। इसके अलावा माता-पिता अगर हाई बीपी की समस्या से पहले से पीड़ित हैं तो गर्भावस्था में बच्चे को इसका शिकार होने से बचाने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
